उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के लॉ डिपार्टमेंट में शिक्षकों की गंभीर कमी का मुद्दा अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। खास बात यह है कि इस मामले में याचिका छात्रों ने खुद दायर की है और कोर्ट में पैरवी भी वही कर रहे हैं। याचिका स्वीकार करते हुए कोर्ट ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, बार काउंसिल और उच्च शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के लॉ डिपार्टमेंट में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन समाधान न निकलने पर अब उन्होंने हाईकोर्ट का रुख कर लिया। अपनी पढ़ाई को लेकर चिंतित ये छात्र कोर्ट में खुद ही केस की पैरवी भी कर रहे हैं। लॉ डिपार्टमेंट में कुल 637 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जो पिछले दो महीनों से फैकल्टी की कमी के विरोध में लगातार आंदोलन कर रहे थे। भर्ती नहीं होने से नाराज छात्रों ने विभाग जाना भी बंद कर दिया है। उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। विश्वविद्यालय परिसर में भैंस चराकर, मेन गेट पर ताला लगाकर और अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन करने के बाद भी जब मांगें नहीं सुनी गईं, तो अंततः वे न्यायालय की शरण में पहुंचे। 637 छात्रों के लिए तीन फेकल्टी
कोर्ट में 637 छात्र-छात्राओं की ओर से पैरवी कर रहे एलएलबी सेकंड ईयर के छात्र दीपक कुमार यादव ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले जब उन्होंने प्रवेश लिया था, तब कॉलेज में पांच फेकल्टी थीं। कुछ ही समय बाद इनमें से तीन का ट्रांसफर कर दिया गया। जबकि नियमों के अनुसार लॉ डिपार्टमेंट चलाने के लिए कम से कम 10 फैकल्टी होना अनिवार्य है। वर्तमान स्थिति यह है कि 637 छात्रों की पढ़ाई के लिए विभाग में केवल तीन फकल्टी बची हैं। हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा छात्र दीपक कुमार ने बताया कि कई बार प्रदर्शन के बाद भी जब फेकल्टी की और ध्यान नहीं दिया गया तो हम 637 छात्रों ने 21 नवम्बर को हाईकोर्ट इंदौर में याचिका लगाई। 28 नवंबर को पहली हियरिंग हुई पहली सुनवाई में हमने अपनी परेशानी से न्यायालय को अवगत करवाया बताया कि लॉ डिपार्टमेंट में कुल 10 शिक्षकों की नियुक्ति होना चाहिए नियम अनुसार लेकीन हम BA.LLA और LLM के कुल 637 बच्चो में सिर्फ दो ही नियमित शिक्षक हमे पढ़ा रहे है। 28 नवम्बर को हुई हियरिंग में कोर्ट ने विक्रम विश्व विद्यालय के रजिस्ट्रार , बीसीआई ( बार कौंसिल ऑफ इंडिया) और हायर एजुकेशन को नोटिस जारी किया है। कॉलेज में हर रोज 1 बैच की 5 कक्षा लगती है कुल 11 बैच है 55 कक्षाएं हुई और पढ़ाने वाले 3 ही शिक्षक हैं । डेढ़ सालों से यही हालत है। 21 और 28 नवंबर को लगी याचिका में एलएलबी सेकेंड ईयर के छात्र दीपक कुमार ने अपना 637 छात्रों की हक की लड़ाई लड़ी। जिसमें दीपक कुमार ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अपनी बात रखी। इस दौरान दीपक कोर्ट में पेशेवर हाईकोर्ट वकील की तरह पेश आए। दीपक कुमार ने बताया कि सीखा हुआ काम आया। मेने उज्जैन कोर्ट में इंटर्नशिप की थी वही काम आ गया। देश भर के छात्र फीस 32000 रुपए
छात्रों ने बताया कि उनकी प्रत्येक सेमेस्टर की फीस 29700 है परीक्षा फॉर्म व अन्य मिलकर लगभग 32000 हो जाते है। यहां पढ़ने वाले छात्रों में सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व अन्य राज्यों के भी छात्र हैं।


