छत्तीसगढ़ में एक 64 साल की बुजुर्ग महिला जो अपनी बीमारी के कारण लंबे समय से बेड पर है। परिवार में कोई नहीं इसलिए अकेले रहती है। खुद से उठ तक नहीं सकती, खाना पीना नहीं खा पाती। वॉशरुम जाने से बचने के लिए डायपर पहनती है। दरिंदों ने उस महिला को भी नहीं छोड़ा। बलौदाबाजार जिले में 2 आरोपियों ने मिलकर महिला से गैंगरेप किया है। जिस मकान में बुजुर्ग महिला रहती है वहां 6 फरवरी की दोपहर मकान मालिक अपने साथी को लेकर कमरे में पहुंचा। जहां उसने महिला के कपड़े उताकर गलत काम किया। पड़ोस की महिला जब अचानक पहुंची तो देखा कि आरोपियों ने बुजुर्ग के प्राइवेट पार्ट में भी हाथ डाला था। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पड़ोसी बोली- महिला के प्राइवेट पार्ट को छू रहा था पड़ोस की महिला ने कहा- 6 फरवरी की दोपहर करीब 2 बजे मैं अपनी रिश्तेदार बुजुर्ग महिला का हालचाल जानने पहुंची थी। जैसे ही मैं अंदर गई, देखा कि एक युवक शराब के नशे में बुजुर्ग महिला के कपड़े को उठाकर उसके प्राइवेट पार्ट को छू रहा था। गलत काम कर रहा था। बुजुर्ग एक पेशेंट है, वह डायपर पहनी हुई थी। उसकी हालत सीरियस है। मुझे देखते ही अचानक से वह घबरा गया। मुझे ही दौड़ाने लगा। इस दौरान उसने मुझे मारने की भी कोशिश की। जैसे तैसे मैं अपनी जान बचा कर बाहर निकली। फिर उसने कमरे को अंदर से बंद कर लिया। ये घटना मेरे सामने घटी। पुलिस को फोन की। परिचय पहचान वालों को फोन की। पुलिस आई और मकान मालिक और आरोपी को फटकारा और अपने साथ थाने ले गई। आरोपियों में ये शामिल अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला किराए के मकान में अकेली रहती थी। पीड़िता आसपास के घरों में कपड़े-बर्तन की साफ-सफाई का काम करती थी। इसी से अपना जीवनयापन करती थी। बीमार होने की वजह से काम करने और चलने-फिरने में भी असमर्थ थी। उसका कोई परिवार नहीं था। वह बिल्कुल अकेली रहती थी। बुजुर्ग महिला जिनके घरों में कभी काम किया करती थी, उसे अपना मानने लगे थे। बीमारी के बाद कोई भी उसे खाना दे देता था, कोई पानी या दवा का इंतजाम कर देता था। गैंगरेप की जानकारी मिलते ही पुलिस ने भी बिना देर किए कार्रवाई की और महज 2 घंटे के अंदर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। दोनों ने अपना जुर्म कबूला मोहन दास पंजवानी उसी मकान का मालिक है, जहां पीड़िता किराए से रहती थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मकान मालिक ने ही अपने साथी को बुलाया था। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। असहायता का फायदा उठाने की कोशिश – पुलिस पुलिस ने इस मामले में आरोपियों खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और जरूरी फॉरेंसिक सबूत भी जुटा लिए गए हैं। पुलिस ने धारा 64(2)(k) व 332(b) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया है।


