राष्ट्रीय विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। देवली उपखंड कार्यालय के बाहर धरना स्थल पर अजमेर, टोंक और भीलवाड़ा जिलों के 68 गांवों के विस्थापितों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से बैठक में पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। सत्यनारायण सरस ड्डी को अध्यक्ष, सुनीता मीणा को सचिव और धनराज मीणा को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर नवगठित कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों का स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यकारिणी में अन्य प्रमुख पदों पर भी नियुक्तियां की गईं। विजय लक्ष्मी जांगिड़, अजमेर जिले से सतीश वर्मा (नापाखेड़ा), अर्पित जोशी सरपंच (कालेड़ा कंवरजी), टोंक जिले से सत्यनारायण शर्मा, केसर लाल मीणा, यादराम मीणा, जयवीर मीणा, राज बहादुर वर्मा, अमर सिंह मीणा और पांचू लाल मीणा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। संरक्षक मंडल में कालूराम कुमावत, रत्नलाल हाड़ा, राय बहादुर, हरलाल मीणा, प्रह्लाद जांगिड़, सुरेंद्र सिंह राणावत और राजेंद्र सिंह सांडला को जिम्मेदारी दी गई है। कुलदीप सिंह राणावत (डाबर कलां) को संगठन मंत्री, दुर्गालाल खींची को उपमंत्री, बंशी बोहड़ा को संयोजक, सुरेश मीणा, उदाराम किर, बाबूलाल मीणा और इंदौर सिंह मीणा को प्रचार मंत्री बनाया गया है। बाबूलाल मीणा विधि सलाहकार और रामसिंह मीणा, देवराज गुर्जर, मनोज मीणा, सुरेंद्र बैरवा, कुलदीप मीणा प्रवक्ता नियुक्त किए गए हैं। बैठक में नवनियुक्त पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि विस्थापितों की लंबित और जायज मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस बैठक में देवली व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज जैन भी उपस्थित रहे। उन्होंने विस्थापितों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया।


