कबीरधाम जिले में सामने आए कथित 7 करोड़ रुपये के धान घोटाले के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने जिले के DMO (जिला विपणन अधिकारी) अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया है। निलंबन की यह कार्रवाई साल 2024-25 के धान संग्रहण काम से संबंधित है। अभिषेक मिश्रा ने धान संग्रहण और रखरखाव को लेकर मीडिया के सामने बिना पुष्टि के गलत बयानबाजी की थी। जिसे शासन ने गंभीर कदाचार माना है। इसे विपणन संघ कर्मचारी सेवा नियमावली की कंडिका 18 का उल्लंघन बताते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। बिलासपुर जिला विपणन कार्यालय अटैच किए गए इसी आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के सेवा नियम 27(1) के तहत अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय जिला विपणन कार्यालय, बिलासपुर अटैच कर दिया गया है। बयान से विभाग की छवि धूमिल जानकारी के अनुसार, कथित धान घोटाले को लेकर जिले में पहले से ही जांच प्रक्रिया चल रही है। ऐसे संवेदनशील मामले में जिम्मेदार पद पर रहते हुए बिना आधिकारिक पुष्टि के बयान देना विभागीय अनुशासन के खिलाफ माना गया है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के बयानों से न केवल जांच प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि विभाग की छवि भी धूमिल होती है। मामले में जांच जारी रहने की संभावना मार्कफेड प्रबंधन का कहना है कि धान संग्रहण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, निलंबन अवधि के दौरान अभिषेक मिश्रा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं, इस पूरे मामले में आगे की विभागीय जांच जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


