एजुकेशन रिपोर्टर | रांची विश्वविद्यालयों -कॉलेजों की परीक्षा में शामिल होने के लिए यूजीसी गाइडलाइन के अनुसार 75 प्रतिशत अटेंडेंस जरूरी है। इस नियम के तहत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) के बीबीए के अटेंडेंस पूरा नहीं करने वाले 280 छात्रों को 19 अप्रैल से होने वाले एग्जाम में शामिल होने पर रोक लगा दी गई थी। इन्हें एडमिट कार्ड नहीं दिया गया था। एडमिट कार्ड से वंचित स्टूडेंट्स गुरुवार को दोपहर 12 बजे प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया और धरना पर बैठ गए। इसी क्रम में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डायरेक्टर डॉ. जीसी बास्के और डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार के विरोध में छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। साथ ही बिना शर्त परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की। वीसी प्रो. तपन कुमार शांडिल्य, रजिस्ट्रार डॉ. नमिता सिंह, प्रॉक्टर डॉ. राजेश कुमार सिंह ने छात्रों से बात की। आपलोग अंडरटेकिंग दें कि भविष्य में निर्धारित क्लास करेंगे। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अंडरटेकिंग देने से इंकार कर दिया। दो घंटे तालाबंदी के बाद दिन के एक बजे बीबीए के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान कर दी गई। प्रॉक्टर राजेश कुमार सिंह ने छात्रों से कहा कि अपने विभाग में जाकर एडमिट कार्ड प्राप्त कर लें। झारखंड छात्र मोर्चा के बैनर तले इस तालाबंदी कार्यक्रम का नेतृत्व प्रेम प्रतीक, सचित रंजन, अरविंद कुमार, राज सिंह व बबलू मंडल कर रहे थे। कल से होने वाली है परीक्षा : बीबीए फर्स्ट सेमेस्टर (सेशन 2024-28) की परीक्षा 19 अप्रैल से होने वाली है। इस बैच में कुल 337 छात्र हैं। लेकिन इसमें से 280 का अटेंडेंट्स कम है। कई छात्रों का 10 प्रतिशत से भी कम अटेंडेंस है। डायरेक्टर डॉ. जीसी बास्के भी 75 प्रतिशत अटेंडेंस सभी विषयों में लागू करने का नोटिफिकेशन जारी करने को लेकर धरना पर बैठ गए।


