जालंधर | सिटी स्टेशन पर बीती एक सितंबर को रेल लाइन से करंट लगने से सिग्नल कर्मचारी की मौत हो गई थी। लाइन में करंट कहां से आया, इससे ढूंढने के लिए टेक्निकल टीम को करीब आठ दिन लग गए। इस दौरान रेलवे स्टेशन की मेन लाइन बंद कर 4 दिन तक जनरेटर पर बिजली चालू रखी गई थी। हालात ऐसे बन गए थे कि रात के समय यात्रियों को अंधेरे में बैठना पड़ता था क्योंकि फ्लड लाइट्स बिजली सप्लाई कटने के कारण बंद रहती थी। लेकिन सोमवार दोपहर एक बजे यात्रियों को इस समस्या से निजात मिल गई। स्टेशन पर अब बिजली चालू कर दी गई है। इस दौरान रिजर्वेशन और जनरल काउंटर की सप्लाई के साथ अधिकारों के दफ्तरों की लाइट चालू रखी गई ताकि क्लेरिकल काम प्रभावित न हो। समाज सेवक रोहित भगत ने कहा कि 4 दिन पहले स्टेशन पर सिग्नल कर्मचारियों की मौत होने पर दिल्ली हेड ऑफिस में शिकायत की गई थी। आम तौर पर यात्री भी उसी रूट से निकलते हैं जहां से सिग्नल कर्मी को करंट लगा था। रेलवे ने इस दौरान बिजली बंद रखी और टेक्निकल टीम को फॉल्ट ढूंढने के लिए लगा दिया। लेकिन इसे ठीक करने में काफी वक्त लग गया। इस दौरान यात्री परेशान रहे। लाइट बंद होने से जनरल काउंटर पर बैठे कर्मचारी भी परेशान नजर आए। क्योंकि दिन में कई बार जनरेटर बंद होता था जिससे वह परेशान रहते थे।


