मप्र के करीब 8 लाख कर्मचारियों की बचत की अब सही गणना होगी। उन्हें 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक अतिरिक्त राशि मिल सकेगी। प्रदेश में पुरानी पेंशन, एनपीएस और यूपीएस में शामिल लगभग 8 लाख अधिकारी-कर्मचारी तीन योजनाओं- फैमिली बेनिफिट फंड, जीआईएस ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम और शासकीय समूह बचत योजना के अंतर्गत आते हैं। इन योजनाओं में क्लास-1 अधिकारियों के वेतन से हर महीने 600 रुपए, क्लास-2 से 400 , क्लास-3 से 200 और क्लास-4 कर्मचारियों से 100 रुपए की कटौती होती है। इसमें 70% राशि बचत और 30% बीमा में जमा होती है। अब तक समस्या थी कि कार्यालय प्रमुख ब्याज की गणना अपने स्तर पर करते थे। गणना में त्रुटियों के कारण कर्मचारियों को उनकी देय राशि कम मिल रही थी, जो 25 हजार से 2 लाख रुपए तक का अंतर पैदा कर रही थी। केंद्रीकृत एप्लीकेशन से दूर होगी गड़बड़ी गड़बड़ी को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने एप्लीकेशन https://www.pension. mp.gove.in विकसित की है। सभी अधिकारियों को इसी एप्लीकेशन से संबंधित योजना के अनुसार गणना कर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं । वित्त विभाग ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला मप्र पहला राज्य है।
हो रही थी यह दिक्कत
अब तक क्लास-1 अधिकारियों के वेतन से कटने वाले 600 रुपए में से 420 रुपए बचत और 180 रुपए बीमा में जाते थे। सेवा के दौरान मृत्यु होने पर 7.50 लाख का भुगतान होता था। सेवा पूर्ण होने पर बचत राशि ब्याज सहित देय होती थी। इसमें हर माह कटने वाली 420 रुपए की बचत राशि का रिकॉर्ड और ब्याज गणना नहीं हो पा रही थी।


