ठंड के मौसम में अब तक जो ओस और नमी राजधानी की हवा को कुछ हद तक संभाले हुए थी, उसके कम होते ही प्रदूषण ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को राजधानी के अरेरा कॉलोनी, पर्यावरण परिसर क्षेत्र में एक्यूआई 314 यानी बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गया। यहां पाल्यूशन का मुख्य कारण पीएम 2.5 को बताया जा रहा है। इसके साथ ही पीएम 10 की मात्रा 209 के आसपास दर्ज की गई। इसी तरह टीटी नगर में भी एक्यूआई खराब की श्रेणी में दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 203 दर्ज किया गया। यहां प्रदूषण का मुख्य कारण ग्राउंड लेवल ओजोन यानी ओ3 रहा। खास बात यह है कि ग्राउंड लेवल ओजोन बढ़ने का मुख्य कारण वाहनों से निकलने वाले धुंए को बताया गया है। इसी तरह पुराने भोपाल में एक्यूआई 131 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण का मुख्य कारण पीएम 10 को बताया गया है। इस तरह देखा जाए तो शहर के तीन अलग-अलग क्षेत्र में पहली बार अलग-अलग कारणों से प्रदूषण बढ़ा है। इधर, शाम के समय मौसम में नमी 33 प्रतिशत दर्ज की गई। इस तरह न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस और सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। पहली बार तीन इलाके, तीन वैज्ञानिक कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक यह पहला मौका है जब राजधानी के तीन अलग-अलग हिस्सों में तीन अलग वैज्ञानिक कारणों से प्रदूषण बढ़ता दर्ज किया गया। इससे साफ है कि शहर में प्रदूषण अब किसी एक स्रोत तक सीमित नहीं रह गया है। नमी घटते ही क्यों बिगड़ी हवा?
शाम के समय वातावरण में नमी 33 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। अब तक ज्यादा नमी के कारण हवा में ड्रॉपलेट्स (सूक्ष्म जल-बूंदें) बन रही थीं। ये बूंदें हवा में मौजूद धूलकणों और पीएम 10 व पीएम 2.5 से चिपककर उनका वजन बढ़ा देती थीं, जिससे वे जमीन पर बैठ जाते थे और हवा अपेक्षाकृत साफ बनी रहती थी।


