12 नंबर क्षेत्र में बने 8 सीवेज पॉन्ड की जमीन पर 32 एमएलडी (3 करोड़ 20 लाख लीटर) क्षमता का एसटीपी बनाया जा रहा है। इसके लिए 2 सीवेज पॉन्ड की गाद साफ की जा रही है, जबकि शेष जगह पर तालाब और पार्क विकसित किए जाएंगे। इस इलाके में पीएम आवास योजना के मकान बनाने का भी प्रस्ताव है। इन पॉन्ड के पानी से पहले 48 किसान 96 एकड़ में सब्जी की खेती करते थे, लेकिन करीब 12 साल पहले सब्जियों में हैवी मेटल मिलने की शिकायत पर एनजीटी ने रोक लगा दी। आजीविका को देखते हुए किसानों को फूलों की खेती की अनुमति दी गई। लगभग 50 साल पहले कोटरा सुल्तानाबाद से आने वाला सीवेज मनीषा मार्केट पंप हाउस से इन पॉड तक पहुंचाया जाता था। पीएचई विभाग ने किसानों को यहां बसाया और पानी के उपयोग पर फीस भी ली। समय के साथ सिस्टम बिगड़ गया, सीवेज शाहपुरा तालाब में जाने लगा और सब्जी फार्म पर अतिक्रमण हो गया। आशंका है कि यदि जमीन का उपयोग नहीं हुआ तो भू-माफिया कब्जा कर सकते हैं। नया एसटीपी बनने से अरेरा हिल्स, एमपी नगर, गुलमोहर, त्रिलंगा और वल्लभ भवन जैसे इलाकों का पानी पहली बार नेटवर्क से जुड़ेगा। इन क्षेत्रों का सीवेज इस तरह पहुंचेगा 32 एमएलडी एसटीपी बना रहे हैं। इससे नए शहर के सीवेज नेटवर्क में सुधार आएगा। शेष जमीन पर पार्क-तालाब बनाने के साथ पीएम आवास के मकान बनाने का प्रस्ताव है। -संस्कृति जैन, कमिश्नर, नगर निगम एसटीपी से यह होगा फायदा


