भास्कर न्यूज | अमृतसर विजिलेंस की छापेमारी के विरोध में हड़ताल पर गए रेवेन्यू अफसरों के खिलाफ सरकार ने सख्त एक्शन लिया है। बुधवार को 235 सब-रजिस्ट्रार, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के ट्रांसफर की लिस्ट जारी कर दी जिसमें अमृतसर से 20 अफसरों के नाम शामिल हैं। अफसरों की हड़ताल के बीच सरकार पर दबाव बनाने के लिए डीसी इंप्लाइज यूनियन ने भी बुधवार सुबह 9 बजे सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान कर दिया। 2 घंटे तक रजिस्ट्री दफ्तर में लोग परेशान होते रहे। हालांकि दोपहर 12 बजे के पहले 3 तहसीलों में 5 एनआरआई की रजिस्ट्री की गई। वहीं अफसरों के तबादले के एक्शन के बाद 38 और रजिस्ट्री की गई। वहीं जब सीएम के एक्शन लेने की सूचना डीसी इंप्लाइज यूनियन को लगी तो प्रधान ने ग्रुप पर मैसेज डाला कि जो मुलाजिम जहां भी हैं, तत्काल दफ्तर ज्वाइन करें। करीब 3 घंटे के बाद सभी मुलाजिम सीट पर लौट आए। पीसीएस अफसरों व कानूनगो की ड्यूटी रजिस्ट्रेशन के लिए 13 तहसील और सब-तहसीलों में लगाई गई थी। अमृतसर के 3 तहसीलों में कोई अफसर रजिस्ट्री करने नहीं पहुंचा। तहसीलदार हरीश कुमार घनौर से अमृतसर, प्रियंका रानी अमरगढ़ से अमृतसर, रविंदरपाल सिंह मालेरकोटला से अमृतसर, सुनील गर्ग का टप्पा से अमृतसर, बेअंत सिंह का भदौड़ से अमृतसर, शिशपाल सिंह का मलेरकोटला से अमृतसर, अमरबीर सिंह का रोपड़ से अमृतसर, पुनीत बंसल का मोरिंडा से अमृतसर, मनमोहन कुमार को धूरी से अमृतसर लगाया गया है। जो भी अफसर जिस जिले में तैनाती लेगा डीसी के पास जाएंगे। फिर डीसी तय करेंगे कि कहां अप्वाइंट करना है। सीएम एक्शन के बाद डीसी ऑफिस और तहसीलदारों में हलचल मची हुई है। सीएम के एक्शन बाद खुद ही सब-रजिस्ट्रारों ने रजिस्ट्री से जुड़े काम निपटाए। हालांकि 100 पार्टियों ने अप्वाइंटमेंट लिया था, रजिस्ट्री का काम शुरू होने को लेकर संशय बना हुआ था इसलिए 57 नहीं पहुंचे। फिलहाल रेवेन्यू अफसरों ने देर शाम तक रजिस्ट्रियों का निपटारा कराया। एक्शन के बाद अब आने वाले समय में स्ट्राइक पर जाने से पहले अफसरों-मुलाजिमों को सोचना होगा। मनमर्जी तरीके से सामूहिक अवकाश पर जाना महंगा पड़ सकता है। दोपहर 12 बजे तक तहसील टू में करीब 25 लाख रुपए की 90-90 गज की 3 रजिस्ट्री हुई। इन पार्टियों के विदेश जाने के टिकट थे। वहीं सब-रजिस्ट्रार-3 में एक लीज डीड हुई। इन पार्टियों को भी विदेश जाना था। इसी तरह तहसील वन में एक मुख्तारनामा तस्दीक कराया गया। लोकल से जिन्होंने अप्वाइंटमेंट लिए थे उनकी रजिस्ट्री शाम 4 बजे बाद शुरू की गई। तहसील वन में 50 अप्वाइंटमेंट थे, 26 रजिस्ट्री हुई। तहसील-2 में 47 अप्वाइंटमेंट में 10 पार्टियों की तो सब-रजिस्ट्रार-3 कार्यालय में 10 अप्वाइंटमेंट थे और 7 के दस्तावेज तस्दीक हुए। जिन पार्टियों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई रि-शेड्यूल कराने के बाद ही दस्तावेज तस्दीक हो पाएंगे। बता दें बीते 4 फरवरी को डीसी साक्षी साहनी ने पीएसीएस अफसरों और कानूनगो समेत 13 को रजिस्ट्री करने का अधिकार देने के आदेश जारी किया था। रेवेन्यू ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से लिए फैसले के अनुसार सब-रजिस्ट्रार, तहसीलदार और नायब तहसीलदार रजिस्ट्रियों का काम छोड़कर एफिडेविट, इंतकाल, एससी -बीसी और दूसरे सर्टिफिकेट का ही निपटारा करा रहे थे। इस कारण लोगों के रजिस्ट्री से जुड़े काम प्रभावित हो रहे थे।


