अदालत के यथास्थिति के आदेश के बाद भी करीब 90 साल पहले आवंटित जमीन पर बुलडोजर चलाने के मामले में हाईकोर्ट ने मालपुरा नगरपालिका अध्यक्ष और अधिशाषी अधिकारी (ईओ) को अवमानना नोटिस जारी किए हैं। जस्टिस नरेन्द्र सिंह ढड्ढ़ा की अदालत ने यह आदेश मैसर्स चौधरी इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया था कि जमीन पर साल 2012 में हाईकोर्ट ने यथास्थिति के आदेश दिए थे। लेकिन उसके बाद भी नगरपालिका ने जमीन पर हो रखे निर्माण को ध्वस्त कर दिया। रियासत ने आवंटित की थी जमीन
वकील आशीष शर्मा ने बताया कि कंपनी को करीब 33 बीघा जमीन तत्कालीन रियासत ने टोंक जिले के मालपुरा में इंडस्ट्री लगाने के आवंटित की थी। जिस पर कंपनी ने पहले कॉटन इंडस्ट्री और बाद में पाइप इंडस्ट्री लगाई। लीज खत्म होने पर सरकार ने दो बार लीज को रिन्यू कर दिया। लेकिन साल 2012 में तत्कालीन सरकार ने लीज रिन्यू करने से मना कर दिया। जिस पर कंपनी हाईकोर्ट पहुंची। हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2012 को जमीन पर यथास्थिति के आदेश जारी कर दिए। साल 2019 में भी नगरपालिका ने कंपनी को नोटिस दिया था। जिसके जवाब में नगरपालिका को हाईकोर्ट के आदेश से अवगत करा दिया था। इस पर नगरपालिका प्रार्थना पत्र दायर करके मामले में पक्षकार बन गई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने यथास्थिति के आदेश बरकरार रखे थे। इसके बाद भी नगरपालिका ने मार्च में जमीन पर बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिया। वहीं इस जमीन पर व्यवसायिक भूखंड काटने की तैयारी की जा रही है।


