मध्य प्रदेश सरकार राज्य के नागरिकों और देशवासियों को वन्य जीवों और अनजाने अभयारण्य को जानने-समझने का अवसर प्रदान करने के लिए ‘वन्य जीव जन जागरूकता और पर्यटन बढ़ाओ अभियान’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत पर्यावरण और वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य के अन देखे अभयारण्य को लोकप्रिय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अभियान की शुरुआत 4 जनवरी को मुरैना जिले की घड़ियाल सेंचुरी से करेंगे। मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि मध्य प्रदेश के कई अभयारण्य और वन्य जीव क्षेत्र ऐसे हैं, जिन्हें और अधिक पहचान दिलाने की आवश्यकता है। यह अभियान न केवल प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवों को समझने का मौका देगा, बल्कि इन क्षेत्रों को नए पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करेगा। मुख्यमंत्री का संदेश डॉ. मोहन यादव ने कहा, ‘वन्य जीव जन जागरूकता और पर्यटन बढ़ाओ अभियान के तहत हम प्रदेश की जैव-विविधता और पारिस्थितिक तंत्र को लोगों के सामने लाएंगे। घड़ियाल परियोजना जैसे प्रयास हमारे वन विभाग की सफलता को दर्शाते हैं। मैं 4 जनवरी को मुरैना स्थित घड़ियाल सेंचुरी जाऊंगा, जहां लुप्त प्राय घड़ियाल के संरक्षण का सफल प्रयास किया गया है। यह क्षेत्र अब देश के अग्रणी वन्य जीव संरक्षण स्थल में से एक बन चुका है।’ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मध्य प्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की सराहना की थी। उन्होंने खजुराहो में कहा था कि मध्य प्रदेश दुनिया के 10 सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। केंद्र सरकार की “स्वदेश दर्शन योजना” के तहत राज्य में ईको और हैरिटेज टूरिज्म का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के ऐसे टूरिस्ट स्पॉट चिन्हित किए जा रहे हैं, जिनमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। इनमें मुरैना की घड़ियाल सेंचुरी, चंदेरी का महल, ओरछा के प्राचीन स्थल, सांची, ओंकारेश्वर, मांडू, पचमढ़ी और अमरकंटक जैसे स्थान शामिल हैं। इन स्थल के विकास से न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि पर्यटकों को भी नई सुविधाएं मिलेंगी। यह अभियान राज्य के गुमनाम और कम ज्ञात पर्यटन स्थल को पहचान दिलाने और इन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण व पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री स्वयं इन स्थल का दौरा कर वहां के विकास के लिए योजनाओं पर अधिकारियों से चर्चा करेंगे।


