सीधी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित बड़ी समस्या सामने आई है, जहां हितग्राहियों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। बैगा समुदाय के कुछ सदस्यों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के तहत मिलने वाली मजदूरी की राशि उनके खातों में नहीं आई है, जिससे उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत छूही के बैगा समुदाय की समस्या ग्राम पंचायत छूही की अनारकली बैगा ने बताया कि उन्हें आवास योजना के तहत आवास तो मिला, लेकिन मजदूरी की राशि उनके खाते में नहीं डाली गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनके गांव के अन्य कई लोगों को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि उनकी मजदूरी की राशि गलत खातों में भेजी जा रही है। कलेक्टर से न्याय की गुहार शुक्रवार सुबह 10 बजे, बैगा समुदाय के सदस्यों ने सीधी के अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्यवाही की मांग की। उन्होंने मजदूरी की राशि उनके खातों में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। सरकारी दावों और वास्तविकता में अंतर मध्य प्रदेश सरकार जहां एक ओर बैगा समुदाय के लिए विशेष सुविधाएं देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर उनके अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया जा रहा है। योजना के तहत मजदूरी राशि का विवरण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक लाभार्थी को ₹1,45,000 की राशि दी जाती है। इसमें ₹1,30,000 आवास निर्माण के लिए सीधे खाते में डाले जाते हैं, जबकि ₹15,000 मजदूरी के रूप में मनरेगा के तहत किस्तों में भेजी जाती है। जांच और कार्रवाई का आश्वासन जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर अंशुमन राज ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। यदि किसी लाभार्थी की मजदूरी की राशि उनके खाते में नहीं डाली गई है, तो इस पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।


