सीकर में आज विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने ज्ञापन दिया और विरोध रैली निकाली। श्रमिक संगठनों के साथ संयुक्त किसान मोर्चा व अन्य कई संगठन भी शामिल हुए। वामपंथी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ श्रमिक संगठनोें के पदाधिकारियों ने विरोध रैली निकाली। ढाका भवन से कलेक्ट्रेट तक निकली रैली में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करते समय हुए समझौतों को लागू नहीं करने पर आक्रोश जताया। श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लेबर कोड का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों की इच्छा के बिना लेबर कोड थोपने का काम किया है। मजदूर केंद्र सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ देशभर में आंदोलन कर रहे हैं, सरकार को लेबर कोड का वापस लेना होगा नहीं तो संशोधन के साथ लागू किया जाना चाहिए। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। पूरे देश के किसान जब धरने पर थे, उस समय केंद्र सरकार ने 3 कृषि कानून वापस लिए थे। इसके अलावा किसानों की मांगों को लागू करने की घोषणा की थी। केंद्र सरकार ने अभी तक समझौता लागू नहीं किया है, इसलिए आज देश भर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने वादा पूरा नहीं किया तो एक बार फिर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।


