संविधान दिवस पर शिक्षण संस्थाओं में उद्देशिका का वाचन:SIR-2026 के तहत शत-प्रतिशत पंजीकरण का संकल्प

संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को डीग जिले के शिक्षण संस्थानों में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विभिन्न स्वीप गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों का उद्देश्य ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ अभियान को संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए युवाओं को सशक्त लोकतंत्र में उनकी भूमिका और मताधिकार के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इसी क्रम में, जिले के पीएम श्री शीला जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, बहज (डीग) में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रिंसिपल मुकुट बिहारी शर्मा की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) के सामूहिक वाचन से हुआ। स्कूल के व्याख्याता दीपक वर्मा ने प्रस्तावना का वाचन करवाया, जिसे सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने दोहराया। इस दौरान सभी ने संविधान के आदर्शों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। समारोह को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल शर्मा ने भारतीय संविधान के निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया भारतीय संविधान विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। छात्राओं ने ‘वोट फॉर बेटर इंडिया’, ‘ईवीएम जागरूकता’ और ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ जैसे विषयों पर आकर्षक पोस्टर बनाए। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य नव-मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना था। इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के सत्रों में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ (SIR-2026) अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का वास्तविक प्रयोग तभी संभव है, जब नागरिक मतदाता सूची में पंजीकृत हों। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे इस विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का फायदा उठाते हुए अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं।

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