भास्कर न्यूज | अमृतसर ठंड बढ़ने के साथ गुरु नानक देव अस्पताल में हार्ट के मरीजों की संख्या भी दोगुना हो गई है। रोजाना जीएनडीएच की इमरजेंसी में केवल 4-5 मरीज आते थे, लेकिन न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक आने से इमरजेंसी में रोजाना 10-12 मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों को रोजाना एडमिट करना पड़ रहा है। इसके अलावा जिन मरीजों का इलाज पहले से चल रहा है। उनकी ओपीडी भी रोजाना 50 से ऊपर ही रहती है। तापमान में गिरावट के कारण पेशेंट को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. परमिंदर सिंह ने मरीजों को तली हुई और ठंडी चीजों के सेवन से दूरी बनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तापमान की गिरावट, धुंध में बढ़ोतरी होने के साथ बीपी में इजाफा होता है। इसके साथ ही सर्दी में लोग मीठे का सेवन भी ज्यादा करने लगते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक पड़ने का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा िक छाती, बाजू, कंधे, गले, जबड़े या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द के साथ पसीना आना, सांस चढ़ना, एकदम कमजोरी आना, चक्कर आना, बीपी में गिरावट आने जैसी चीजों को हलके में न लें। यह हार्ट समस्या के लक्षण हैं। लक्षण दिखते ही डॉक्टर को चेक कराएं। उन्होंने कहा कि बीपी पर खास नजर रखें और खून की रेगूलर जांच कराते रहें। बुजुर्गों को बीपी की दवाई भी लगातार लेनी चाहिए। सुबह सैर करने समेत ठंड में बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। धूप निकलने पर ही बाहर निकलें। धूम्रपान, शराब का ज्यादा सेवन हार्ट के लिए खत्तरा पैदा कर सकता है। इसलिए हार्ट अटैक और फेलियर के रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखना चाहिए जिससे कि बचाव हो सके। डॉ. परमिंदर सिंह


