करौली में नवीन ग्राम पंचायत गठन को लेकर ग्रामीणों का असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बसेड़ी सुन्दरपुरा और रूग्गापुरा के ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों गांव सभी पात्रता और सुविधाओं से युक्त होने के बावजूद नई पंचायत रूदौड़ में शामिल कर दिए गए हैं, जो तर्कसंगत और न्यायसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार बसेड़ी सुन्दरपुरा की जनसंख्या 1359 और रूग्गापुरा की 556 है, जो उन्हें स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनने की पात्रता प्रदान करती है। जबकि रूदौड़ की जनसंख्या केवल 885 होने के बावजूद उसे नई पंचायत घोषित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बसेड़ी सुन्दरपुरा और रूग्गापुरा दोनों हिण्डौन-करौली मुख्य सड़क पर स्थित होने से आवागमन सुगम है। इसके उलट, रूदौड़ तक पहुंचने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं, तथा लोगों को गैरमुकिन नाले से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे असुविधा और खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार बसेड़ी सुन्दरपुरा में 1948 से संचालित विद्यालय, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र, पोस्ट ऑफिस, पेयजल टंकी, कोऑपरेटिव सोसायटी, खाद्य डीलरशिप और बस स्टैंड जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐसी स्थिति में रूदौड़ को पंचायत बनाना ग्रामीणों की उपेक्षा और मनमानी निर्णय प्रतीत होता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि नवीन ग्राम पंचायत बसेड़ी सुन्दरपुरा या रूग्गापुरा के नाम से बनाई जाए तथा मतदान केंद्र यूपीएस बसेड़ी सुन्दरपुरा ही रखा जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे रूदौड़ में बनाए गए मतदान केंद्र का बहिष्कार करेंगे।


