यूथ कांग्रेस और एनएसयुआई के कार्यकर्ता सरस्वती नगर थाने का घेराव करने पहुंचे हैं, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर एफआईआर किए जाने का विरोध कर रहे हैं कांग्रेसी, पिछले दिनों युवा कांग्रेस ने पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोती थी। इस मामले में पुलिस ने युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और साथियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई थी। मामला 26 नवंबर का है, जब बीजेपी ने नालंदा परिसर की घोषणा का होर्डिंग लगाया था। जिसमें मूणत की भी फोटो लगाई गई थी। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एनआईटी चौपाटी हटाए जाने का विरोध करते हुए मूणत की फोटो पर कालिख पोती थी। कांग्रेसी विपक्ष लगातार कर रहा है चौपाटी हटाए जाने का विरोध रायपुर के एनआईटी चौपाटी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दुकानें भले ही आमानाका में शिफ्ट कर दी गई हैं, लेकिन विपक्ष इसे लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेताओं ने डिप्टी सीएम अरुण साव से मुलाकात की। इस दौरान 7 दिनों के भीतर जांच कमेटी गठित करने की मांग की गई। कांग्रेस का आरोप है कि अधिकारियों ने पहले इस चौपाटी को अनुमति दी और अब वही अधिकारी इसे अवैध बताकर तोड़ रहे हैं। कांग्रेस की प्रमुख मांगें: चौपाटी विवाद की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बने। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने वाले जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच हो। भविष्य की कार्रवाईयों के लिए स्पष्ट नीति प्रकाशित की जाए। आंदोलन की चेतावनी अगर 7 दिनों के भीतर इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। नालंदा-2 के निर्माण की योजना रायपुर में 10 करोड़ रुपए खर्च करके चौपाटी का विकास किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इसे हटाने और नालंदा-2 बनाने की योजना पर काम तेजी से शुरू हुआ। नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने नालंदा-2 के लिए टेंडर पूरा कर लिया और 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग की तारीख तय कर दी। हालांकि, इससे पहले ही रेलवे ने 32 दुकानदारों को नोटिस भेजकर जमीन पर अपना दावा जताया। इस विवाद को लेकर नगर निगम और रेलवे के बीच बातचीत जारी है, ताकि जल्द इस मामले का समाधान निकाला जा सके।


