चूरू में नई ग्राम पंचायत के गठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा बिकासी गांव को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाए जाने के फैसले पर रामपुरा पट्टा झारिया के ग्रामीणों ने कड़ा एतराज जताया है। ग्रामीणों ने रामपुरा पट्टा झारिया को ही पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग की है। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष आसिफ खान के नेतृत्व में रामपुरा पट्टा झारिया के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अधिकारियों से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। ग्रामीणों का तर्क है कि रामपुरा पट्टा झारिया गांव स्टेट हाईवे पर स्थित है, जिससे आवाजाही सुगम है। इसके विपरीत, बिकासी गांव मुख्य सड़क से लगभग तीन किलोमीटर दूर एक संकरी और सिंगल रोड पर स्थित है, जिससे लोगों को मुख्यालय तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और खर्च लगेगा। जनसंख्या के आधार पर भी रामपुरा पट्टा झारिया की आबादी बिकासी से लगभग तीन गुना अधिक है। क्षेत्रफल, सरकारी भवन निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता, अन्य राजस्व गांवों से कनेक्टिविटी, तथा थाना भालेरी, तहसील व उपखंड कार्यालयों तक सुगम सड़क मार्ग जैसे सभी दृष्टि कोणों से रामपुरा पट्टा झारिया एक बेहतर विकल्प है। ग्रामीणों ने बताया कि बिकासी में आवाजाही के साधनों की कमी के कारण आमजन को परेशानी होगी। उन्होंने सभी तथ्यों के आधार पर मांग की है कि पंचायत मुख्यालय के चयन पर पुनः विचार किया जाए और रामपुरा पट्टा झारिया को ही पंचायत मुख्यालय बनाया जाए।इस दौरान गांव से आई महिलाओं ने विशेष रूप से आक्रोश व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगामी चुनावों में वोट नहीं डालेंगी।


