राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ 1 दिसंबर को खलघाट में किसान आंदोलन करेगा। इस संबंध में प्रांत संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार ने आज (शुक्रवार) खरगोन में महासंघ प्रतिनिधियों की बैठक ली। उन्होंने सभी से आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया। पाटीदार ने बताया कि इस आंदोलन में निमाड़ के चार जिलों से सैकड़ों किसान शामिल होंगे। किसानों की प्रमुख मांगों में संपूर्ण ऋण मुक्ति के अलावा फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), अन्य राज्यों की तरह भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा और फसल नुकसान के लिए चार जिलों का विशेष पैकेज शामिल है। इस बीच, कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को किसानों के साथ बैठक बुलाई है। पाटीदार ने कहा कि यदि शासन किसानों की मांगें मान लेता है, तो आंदोलन नहीं होगा। किसान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों में मक्का, सोयाबीन और मुख्य फसल कपास की सरकारी खरीदी पूर्व योजना के तहत करने की बात कही। इसके अतिरिक्त, सभी किसानों को ऋण मुक्त करने और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग भी की गई है। उन्होंने आदिगुरु शंकराचार्य के संकल्प को पूरा करते हुए गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और केंद्र सरकार से किसान हित में आयात-निर्यात नीति बनाने, साथ ही दलहन, कपास और प्याज के आयात पर रोक लगाने की अपील की। बड़े आंदोलन की तैयारी से स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक अधिकारी गांवों और तहसील मुख्यालयों पर लगातार किसान प्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। उन्हें स्थानीय समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन फिलहाल प्रशासन आंदोलन को रोकने में सफल नहीं हो पाया है।


