निवाड़ी जिले की सब जेल में बुधवार, 26 नवंबर 2025 को गीता जयंती महोत्सव के तहत एक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें श्रीमद्भागवत गीता उपदेश, नशा मुक्ति संकल्प कार्यक्रम और गीता ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन हुआ। ब्रह्माकुमारी आश्रम निवाड़ी के सदस्यों की उपस्थिति ने जेल के वातावरण को आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बनाया। यह कार्यक्रम सहायक जेल अधीक्षक शैलेंद्र सिंह कुशवाह की पहल पर आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य बंदियों को सकारात्मक दिशा देना था। उनकी प्रेरणा पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम निवाड़ी से बीके उमा, बीके रचना, बीके आरती, बीके मोहिनी, विमला देवी और कुलदीप भाई सहित अन्य सदस्य जेल पहुंचे। ब्रह्माकुमारीज़ के सदस्यों ने श्रीमद्भागवत गीता के अध्यायों से सारगर्भित उपदेश दिए। निष्काम कर्म, मन की शांति, परिस्थितियों पर विजय और नशामुक्त, संयमपूर्ण जीवन के महत्व जैसे विषयों पर सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से प्रकाश डाला गया। प्रवचनों में विशेष रूप से नशा मुक्ति पर जोर दिया गया। ब्रह्माकुमारीज़ टीम ने बंदियों को बताया कि नशा केवल शरीर ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और भविष्य को भी नष्ट करता है। इन प्रेरणादायक बातों से प्रभावित होकर कई बंदियों ने नशा छोड़ने और एक नई शुरुआत करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि गीता के उपदेश उन्हें आंतरिक परिवर्तन की शक्ति प्रदान करते हैं। निवाड़ी सब जेल में पहले भी नियमित गीता पाठ आयोजित होते रहे हैं, जिससे बंदियों में आध्यात्मिक विकास हो रहा है। इसी कड़ी में जेल मुख्यालय, भोपाल के निर्देश पर बंदियों के लिए गीता ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा भी आयोजित की गई। इस परीक्षा में 40 बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जेल प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजन बंदियों में आत्मविश्वास और सुधार की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सहायक जेल अधीक्षक शैलेंद्र सिंह कुशवाह ने ब्रह्माकुमारीज़ टीम का आभार व्यक्त किया।


