नरेश मीणा की जमानत कैंसिलेशन पर सुनवाई 12 दिसंबर को:APP ने सपोटरा थाने में दर्ज रिपोर्ट को लेकर लगाई एक और एप्लीकेशन

टोंक के एससी-एसटी कोर्ट ने नरेश मीणा की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 12 दिसंबर दी है। हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द करने से संबंधित याचिका पर शुक्रवार को बहस होनी थी लेकिन एडि. पब्लिक प्रोसीक्यूटर (APP) ने सपोटरा थाने में मीणा के खिलाफ दर्ज केस (डूंगरी बांध को लेकर प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणी) को लेकर शुक्रवार को ही SC-ST कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया। इसमें बताया कि नरेश मीणा के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ है। शुक्रवार को APP रामवतार सोनी ने एक प्रार्थना पत्र पेश कर सपोटरा थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट को लेकर कोर्ट में एक और प्रार्थना पत्र पेश किया। इसमें बताया कि नरेश मीणा ने हाईकोर्ट की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसे नरेश मीणा के वकील फतेहराम मीणा ने झूठा बताते हुए जवाब के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा-सपोटरा थाने में दी गई रिपोर्ट झूठी हैं। खुद फरियादी ने थाने में और सोशल मीडिया में लाइव आकर कहा कि यह रिपोर्ट झूठी है। मैं कुछ कार्रवाई नहीं चाहता हूं। इस ओर कोर्ट की ओर से 12 दिसंबर की अगली तारीख दी है। इससे पहले इस मामले की सुनवाई के लिए 7 बार (19 अगस्त, 29 अगस्त, 11 सितम्बर, 4 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 18 नवंबर, 28 नवंबर) तारीखें दी जा चुकी हैं। पूरा मामला इस तरह समझिए SDM को थप्पड़ मारने से शुरू हुआ विवाद- टोंक की देवली उनियारा के समरावता गांव में 13 नवंबर 2024 को उपचुनाव की वोटिंग हो रही थी। इस दौरान फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगाते हुए प्रत्याशी नरेश मीणा ने ड्यूटी पर तैनात एरिया मजिस्ट्रेट (तत्कालीन मालपुरा SDM अमित चौधरी) को थप्पड़ मार दिया। अगले दिन गिरफ्तारी, 8 महीने जेल में रहे- थप्पड़कांड के अगले ही दिन (14 नवंबर 2024) को नरेश मीणा समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। नरेश मीणा करीब 8 महीने जेल में रहे। इसके बाद जुलाई 2025 में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। हाईकोर्ट ने 14 फरवरी 2025 को पहली और 30 मई 2025 को दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। लेकिन जुलाई 2025 में जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने नरेश मीणा की तीसरी जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी। इस पर वकील भावुक हो गए थे। जमानत मिलने के बाद हाड़ौती में जन क्रांति यात्रा- जेल से बाहर आने के बाद नरेश मीणा ने हाड़ौती में जनक्रांति यात्रा निकाली। झालावाड़ के मनोहरथाना स्थित कामखेड़ा बालाजी धाम से यात्रा शुरू हुई। इस यात्रा में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी नरेश मीणा के साथ रहे। नरेश मीणा ने अंता से उपचुनाव लड़ना तय किया और फील्ड में लोगों की नब्ज टटोलने लगे। पिपलोदी में स्कूल की छत गिरी, नरेश मीणा धरना देने पहुंचे- झालावाड़ के पिपलोदी में सरकारी स्कूल की छत गिरने से बच्चों की मौत हो गई। इस वक्त नरेश मीणा की जन क्रांति यात्रा निकल रही थी। नरेशी मीणा जनक्रांति यात्रा बीच में ही छोड़कर झालावाड़ अस्पताल परिसर पहुंचे। उन्होंने धरना देने की कोशिश की। वे मुआवजे की मांग कर रहे थे। जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 42 दिन बाद जमानत मिली। 11 अगस्त 2025 को टोंक के एससी-एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र- जबरन धरना देने और माहौल खराब करने के आरोप में नरेश मीणा झालावाड़ जेल में थे। इस दौरान 11 अगस्त 2025 को नगरफोर्ट थाना पुलिस ने APP के माध्यम से टोंक SC-ST कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश किया। इसमें अपील की गई कि नरेश मीणा ने SDM थप्पड़ प्रकरण में हाईकोर्ट से मिली जमानत शर्तों का उल्लंघन किया है।इसी प्रार्थना पत्र पर लगातार टोंक एससी-एसटी कोर्ट तारीख दे रहा है।

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