सिवनी में 3 करोड़ रुपए के हवाला लूट में नया खुलासा हुआ है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि एसडीओपी पूजा पांडे और उसके जीजा वीरेंद्र दीक्षित के बीच घटना वाले दिन 53 बार बात हुई थी। इसमें 10 कॉल डकैती के पहले और 43 कॉल डकैती के बाद किए गए। इस मामले में 25 नवंबर को हाईकोर्ट ने एसडीओपी पूजा पांडे की जमानत खारिज कर दी है। एसडीओपी समेत 15 लोग जेल में हैं। इसके अलावा बालाघाट डीएसपी पंकज मिश्रा, साइबर सेल के कॉन्स्टेबल प्रमोद सोनी और पंजू गिरी गोस्वामी और पूजा पांडे के जीजा वीरेंद्र दीक्षित की जमानत अर्जी जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि जांच अभी जारी है। समग्र तथ्यों को देखते हुए आरोपी जमानत के पात्र नहीं हैं। डकैती के पहले और बाद में जीजा के संपर्क में थी पूजा लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने बताया कि पूजा पांडे के मोबाइल फोन की फारेंसिक जांच में सामने आया है कि डकैती की वारदात के पहले और बाद में लगातार जीजा वीरेंद्र दीक्षित के संपर्क में थीं। 24 घंटे के भीतर दोनों के बीच 53 बार कॉल हुई और कई चैट मैसेज भी किए। चैट में जीजा बार-बार लिख रहे थे “बहुत टेंशन हो रही है, कुछ तो बताओ। आरोपी वीरेंद्र दीक्षित ने अपना मोबाइल हैंडसेट बदल दिया था। पुलिस को सौंपने से पहले वॉट्सऐप चैट डेटा डिलीट कर दिया था। टेकनिकल टीम की मदद से रिकवर किया गया। इसमें 10 कॉल डकैती के पहले और 43 कॉल डकैती की घटना के बाद किए गए। एसआईटी के सामने दीक्षित ने बताया था कि एसडीओपी पूजा पांडे जब भी गश्त या रात में कार्रवाई के लिए बाहर जाती थीं, तो उन्हें मोबाइल पर इसकी जानकारी देती थीं। विवेचना में यह भी सामने आया कि जब्त किए गए मोबाइल का सिमकार्ड पुराना था, लेकिन हैंडसेट बदल दिया गया था, जो आपराधिक षडयंत्र में उनकी सहभागिता को दर्शाता है। दोनों के बीच बातचीत के चैट सामने आई फारेंसिक जांच में रिकवर हुई चैट से खुलासा हुआ है कि डकैती की रात आरोपित जीजा लगातार एसडीओपी पूजा पांडे से संपर्क में था। देर रात 2:02, 2:30, 3:19 और 4:03 बजे उसने लगातार कई मैसेज भेजे। चैट में वह पूछता दिखा-“रॉन्ग इन्फॉर्मेशन तो नहीं है?”, “क्या हुआ?”, “30/70 मानना.. नहीं मानेंगे वो लोग”, “जल्दी करो, थोड़ा जल्दबाजी दिखाओगे तो काम हो जाएगा।” इसके बाद 9 अक्टूबर दोपहर 3:44 बजे उसने फिर मैसेज कर लिखा-“कुछ तो बताओ”, और तुरंत ही अगला मैसेज भेजा-“बहुत टेंशन हो रही है।” जांच यह भी बताती है कि घटना के बाद उसने अन्य आरोपियों रीतेश वर्मा, केदार बघेल और राजेश जंघेला से भी फोन पर बात की थी। जांच लंबित होने पर कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज की कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी जमानत का लाभ पाने के पात्र नहीं हैं। आरोपियों की ओर से वकील मनीष दत्त, वीरेंद्र शर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, नवीन आहूजा, सौरभ दुबे और निश्चय हेडाऊ ने जमानत का आग्रह किया था। वहीं अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने जमानत आवेदन का विरोध किया। डकैती प्रकरण के 15 आरोपितों में 13 पुलिस कर्मी इस हवाला कांड में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच जारी है, परत-दर-परत नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मामले की मुख्य सूत्रधार निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे की भूमिका जितनी गहरी होती जा रही है, उतने ही सवाल जिला पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी उठ रहे हैं। बालाघाट हॉक फोर्स के डीएसपी और पूजा के बैचमेट पंकज मिश्रा ने ये इन्फॉर्मेशन उन्हें दी थी। इसीलिए केस में उनकी भूमिका की जांच के बाद एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार किया है। 3 करोड़ में 1 करोड़ 45 लाख रुपए की जब्ती दिखाई बता दें, सिवनी पुलिस ने 9 अक्टूबर की रात हाईवे पर चेकिंग के दौरान नागपुर के शख्स से करीब 3 करोड़ रुपए जब्त किए थे। आरोप है कि रिपोर्ट में जब्ती सिर्फ एक करोड़ 45 लाख रुपए की दिखाई। मामला सामने आने के बाद 9 अक्टूबर की रात को आईजी प्रमोद वर्मा ने थाना प्रभारी अर्पित भैरम समेत 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद 10 अक्टूबर को डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पांडे को भी सस्पेंड कर दिया था। 14 अक्टूबर को इन 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ लखनवाड़ा थाने में डकैती, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। डीएसपी पंकज मिश्रा ने ही हवाला की सूचना दी थी 2018 बैच के डीएसपी पंकज मिश्रा बालाघाट में हॉक फोर्स में हैं। उन्हें जबलपुर के एक कॉन्स्टेबल ने सूचना दी थी कि हवाला का पैसा सिवनी से निकल रहा है। ऐसा बताया गया है कि पंकज ने डीएसपी पूजा को इसकी सूचना दी। इस सूचना पर पूजा ने एक्शन लिया। 25% का ऑफर और 2 घंटे की वो रहस्यमयी कॉल, जानिए पूरी कहानी अपने बैचमेट से मिली टिप के बाद पूजा पांडे गनमैन और कुछ भरोसेमंद स्टाफ को लेकर निकल पड़ीं। उधर, पास के बंडोल थाने के टीआई अर्पित भैरम भी अपनी सरकारी गाड़ी से इस ऑपरेशन में शामिल होने के लिए रवाना हुए। रात करीब 1:30 बजे सिवनी के पास सीलादेही इलाके में पुलिस की दोनों टीमों ने घेराबंदी कर हवाला के रुपए लेकर आ रही क्रेटा कार को रोक लिया। जैसे ही हवाला के पैसों से भरी गाड़ी को रोका गया, नागपुर के कारोबारी सोहन परमार ने स्थिति को भांपते हुए डीएसपी पूजा पाण्डेय को 5% कमीशन का ऑफर दिया। जब पूजा नहीं मानीं, तो यह ऑफर 10% और फिर 15% तक पहुंचा। कारोबारी अपनी रकम बचाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा। वह 25% यानी करीब 75 लाख रुपए देने तक को तैयार हो गया, लेकिन डीएसपी पूजा पाण्डेय का इरादा कुछ और ही था। उन्होंने इस बड़े ऑफर को भी ठुकरा दिया। सीनियरों को बहाना- बच्चा बीमार है, नहीं आ सकती जिस वक्त डीएसपी पूजा पांडे सीलादेही में हवाला की रकम पकड़ने की फिराक में थीं, उसी दौरान सिवनी के एएसपी एक गंभीर मर्डर केस की एफआईआर के सिलसिले में तीन थानों के टीआई के साथ लखनवाड़ा में थे। रात करीब 12 बजे एएसपी ने एसडीओपी पूजा को फोन कर मर्डर केस की जांच में सहयोग के लिए बुलाया था। पूजा ने बड़ी सहजता से जवाब दिया, ‘मेरे बेटे की तबीयत खराब है, मैं नहीं आ सकती।’ हालांकि, रात 2:40 पर जब उनकी ‘कार्रवाई’ पूरी हो चुकी थी, तब उन्होंने एएसपी को फोन कर कहा कि यदि जरूरी हो तो वह बच्चे को छोड़कर आ सकती हैं। यह बातचीत अब उनके खिलाफ एक बड़ा सबूत बन गई है, जो दर्शाती है कि उन्होंने जानबूझकर वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया। अलमारी से निकले 1.45 करोड़, बोलीं- केस बनाऊंगी अगले दिन जब हवाला कारोबारी सोहन परमार 3 करोड़ की लूट की शिकायत लेकर कोतवाली थाने पहुंचा, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला बिगड़ता देख एसपी सुनील मेहता ने रात में ही एएसपी दीपक मिश्रा को एसडीओपी दफ्तर जांच के लिए भेजा। वहां जो हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। एएसपी के सामने डीएसपी पूजा पांडे ने अपनी दफ्तर की अलमारी खोली और उसमें से 1.45 करोड़ रुपए निकालकर दिए। इन पैसों को फौरन जब्त कर कोतवाली थाने के मालखाने में जमा कराया गया और अगले दिन सुबह आयकर विभाग को सूचना दी गई। हैरानी की बात यह है कि जब एएसपी उनके दफ्तर पहुंचे, तब भी पूजा पांडे अपनी गलती मानने के बजाय रौब दिखाते हुए बोलीं, ‘अब मैं केस बनाऊंगी।’ इस पर एएसपी ने जवाब दिया, ‘अब बहुत देर हो चुकी है।’ एसपी सुनील मेहता की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही जिस रात यह घटना हुई, एसपी सुनील मेहता भोपाल में एक कॉन्फ्रेंस में थे। सिवनी लौटने पर उन्होंने मीडिया से कहा कि डीएसपी और 9 पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध है। इसी आधार पर उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीनियर अधिकारियों को सूचना न देना ही सबसे बड़ा संदिग्ध आचरण है। एक वायरल ऑडियो ने एसपी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस ऑडियो में एएसपी दीपक मिश्रा, पूजा पांडे और हवाला कारोबारी के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। इसमें दीपक मिश्रा कथित तौर पर यह कहते सुने जा रहे हैं, ‘एसपी साहब ने कहा है कि 1.45 करोड़ रुपए जब्त कर लो।’ वह कारोबारी को यह आश्वासन भी दे रहे हैं कि यह पैसा उसे थाने से वापस मिल जाएगा। आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि एसपी ने उन्हें बताया कि उन्हें घटना की जानकारी अगले दिन सिवनी पहुंचने के बाद मिली। कोतवाली के एक एसआई ने अपने बयान में दावा किया है कि उसने दोपहर 3 बजे ही एसपी को फोन पर इसकी जानकारी दे दी थी। इन विरोधाभासी बयानों ने एसपी की भूमिका को और भी संदिग्ध बना दिया। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. 11 पुलिसकर्मियों पर डकैती का केस, SDOP समेत 6 गिरफ्तार सिवनी जिले में 3 करोड़ रुपए के हवाला कांड में पुलिस ने एसडीओपी पूजा पाण्डेय समेत 6 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है। डीजीपी कैलाश मकवाना के निर्देश के बाद 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अवैध रूप से रोकना, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पढ़ें पूरी खबर… 2. SDOP के केबिन में 3 करोड़ की डील..बंटवारे में बेइमानी सिवनी की निलंबित एसडीओपी पूजा पाण्डेय और हवाला कारोबारी के बीच इसी तरह की डील हुई थी। मगर, कारोबारी इस बात पर अड़ गया कि वो केवल 45 लाख रुपए ही देगा। इस डील के बीच मीडिया को इस बात की भनक लग गई और पूरे मामले का खुलासा हो गया। पढ़ें पूरी खबर… 3. तीन करोड़ पकड़े, आरोप- 1.5 करोड़ खुद रखे सिवनी के बंडोल एसडीओपी और थाना प्रभारी पर हवाला के डेढ़ करोड़ रुपए दबाने का आरोप लगा है। आरोप है कि अफसरों ने नागपुर के शख्स से करीब 3 करोड़ रुपए जब्त किए थे। रिपोर्ट में जब्ती सिर्फ एक करोड़ 45 लाख रुपए दिखाए। यही नहीं, आरोपी को भी बिना कार्रवाई छोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…


