मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के मार्गदर्शन और जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीना के प्रभावी नेतृत्व में सलूंबर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 156-सलूंबर ने मतदाता सूची के सौ फीसदी डिजिटाइजेशन का लक्ष्य राज्य में सबसे पहले पूरा कर राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रशासनिक दक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के प्रति जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस कार्य को 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 के बीच पूरा किया जाना था, लेकिन सलूंबर विधानसभा ने निर्धारित अवधि से काफी पहले, 29 नवंबर को ही यह लक्ष्य हासिल कर एक मिसाल कायम की। जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीना और उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश राय सापेला ने अभियान की निरंतर समीक्षा की। उन्होंने कमजोर क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराया और तकनीकी सहायता भी तत्काल प्रदान की। अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता माइक्रो मैनेजमेंट, नियमित पर्यवेक्षण और टीम भावना का परिणाम है, जिसमें बीएलओ, एईआरओ, सुपरवाइजर, सहायक बीएलओ, स्वयंसेवकों और पंचायत स्तर के सभी कार्मिकों ने समर्पित भाव से अपनी जिम्मेदारी निभाई। ईआरओ जगदीश चंद्र बामनिया ने बताया कि अभियान के दौरान मतदाताओं से परिगणना प्रपत्र (ईएफ) भरवाकर उन्हें डिजिटाइज कर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करना था। सलूंबर विधानसभा ने यह कार्य राज्य में सबसे पहले और निर्धारित समय सीमा से कई दिन पहले सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश राय सापेला ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए कई तकनीकी सुधार किए, जिन्हें जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इसमें हेल्पलाइन, कॉल सेंटर, हेल्प डेस्क, सरल भाषा में दिशा-निर्देश, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान शामिल थे। इसके अतिरिक्त, स्वीप कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेज गतिविधियां, पंचायत स्तरीय बैठकें और मोहल्ला-वार जनसंपर्क भी आयोजित किए गए। वृद्ध, दिव्यांग, अशिक्षित और प्रवासी मजदूर जैसे समुदायों पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।


