गुना जिले के मधुसूदनगढ़ इलाके में हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। 15-16 साल के नाबालिग की हत्या उसके फूफा संजू भील ने ही की थी। वजह हैरान करने वाली है, आरोपी की पत्नी उसे छोड़कर दूसरी शादी कर चुकी थी, इसलिए वह मर्डर कर अपनी पूर्व पत्नी को फंसाना चाहता था। आरोपी ने भतीजे को शराब पिलाई और फिर बोतल फोड़कर उसका गला रेत दिया। मर्डर के बाद उसने खुद नाम बदलकर पुलिस को झूठी सूचना भी दी। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, 26-27 नवंबर की रात पुलिस को मधुसूदनगढ़ थानांतर्गत ग्राम मोहरी लंबाखेड़ा के जंगल में एक अज्ञात युवक की लाश पड़ी होने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मृतक 15-16 साल का नाबालिग पाया गया। उसके गले में गहरी चोट का निशान था, जो प्रथम दृष्टया बोतल या धारदार हथियार से किया गया लग रहा था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। CCTV में फूफा के साथ दिखा था मृतक
एसपी अंकित सोनी के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतक के परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की गई। साक्षियों ने संजू भील (निवासी ग्राम कांठी, थाना जामनेर) पर संदेह जताया। जब आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, तो मृतक अंतिम बार संजू भील के साथ ही दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने संजू की तलाश शुरू की और 24 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया। पत्नी के छोड़कर जाने से था आक्रोशित
पूछताछ में आरोपी संजू (28) ने बताया कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर दूसरी शादी कर चुकी है, जिससे उसे काफी नुकसान हुआ और वह मानसिक रूप से आक्रोशित था। वह अपनी पत्नी को झूठे हत्या के आरोप में फंसाना चाहता था। पत्नी के नए ससुराल के पास ले जाकर मारा
साजिश के तहत आरोपी अपनी पत्नी के भतीजे (मृतक) को पत्नी के वर्तमान पति के गांव के पास जंगल में ले गया। वहां उसने नाबालिग को शराब पिलाई। जब वह बेहोश हो गया, तो दारू की बोतल फोड़कर उसके गले में मारकर हत्या कर दी। खुद पुलिस को फोन कर बुआ पर लगाया आरोप
हत्या करने के बाद आरोपी ने अपना नाम बदलकर खुद ही पुलिस को फोन लगाया। उसने पुलिस को सूचना दी कि बुआ ने भतीजे की हत्या कर दी है, ताकि शक उसकी पूर्व पत्नी पर जाए। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी SI संदीप यादव, SI महेश सिकरवार, एएसआई अजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक महेन्द्र पाल सिंह और साइबर सेल की टीम का विशेष योगदान रहा।


