संबल 2.0 योजना में तकनीकी त्रुटि से एक महीने में दो बार सिंगल क्लिक से 45 करोड़ रुपए गलत खातों में जाने के मामले में आखिरकार बड़ी कार्रवाई हुई है। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) ने परियोजना प्रभारी विनय पांडे को हटाकर उन्हें मूल विभाग स्कूल शिक्षा विभाग को वापस भेज दिया है। पांडे पिछले 13 वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर एमपीएसईडीसी में पदस्थ थे, जिस पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। मालूम हो कि संबल 2.0 का सॉफ्टवेयर एमपीएसईडीसी ने विकसित किया था। इसी सॉफ्टवेयर की त्रुटि से गलत खातों में करोड़ों रुपए भेजे गए। दो जांच समितियों ने साफ तौर पर सॉफ्टवेयर में खामी बताई थी, लेकिन कार्रवाई सिर्फ तीन छोटे कर्मचारियों पर हुई। एमपीएसईडीसी के एमडी आशीष वशिष्ठ ने आदेश जारी कर पांडे को सभी प्रोजेक्ट्स तुरंत हैंडओवर करने को कहा है। पांडे अकेले 12 महत्वपूर्ण सरकारी प्रोजेक्ट्स संभाल रहे थे। विधायक जयवर्धन सिंह ने इस मामले में विधानसभा में सवाल उठाया था। उन्होंने पांडे के निलंबन की मांग की है। गड़बड़ी की जांच जारी साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे ने कहा- ‘संबल योजना में गड़बड़ी की विस्तृत जांच अभी पूरी नहीं हुई है।’ यानी अभी बाकी जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उम्मीद है।


