भोपाल के रविंद्र भवन में शनिवार शाम टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य और कला महोत्सव ‘विश्वारंग 2025’ का समापन हुआ। 3 दिवसीय इस उत्सव में दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, दिव्या प्रकाश दुबे, नीलोत्पल मृणाल, सोना मोहपात्रा, देवदत्त पटनायक और सौरभ द्विवेदी जैसे देश के कई साहित्यकार, कलाकार और सिनेमा जगत के सितारे शामिल हुए। कार्यक्रम के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी यहां पहुंचे। हर दिन अलग अलग हस्तियों के विभिन्न विषयों पर वैचारिक सत्र आयोजित किये गए और शामें कलात्मक कार्यक्रमों से सजाई गई। नौ साल में बनाई अपनी जगह 2019 में रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) ने एक वैश्विक मंच के रूप में विश्वरंग को शुरू किया था। जहां भारतीय साहित्य, संस्कृति, कला, संगीत और सिनेमा की प्रस्तुतियों का उत्सव मनाया जाता है। यह भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में बढ़ावा देने और प्रसार करने वाले उत्सवों में से एक है। इस साल विश्वारंग का यह 7 वां संस्करण था। अंतिम दिन बॉलीवुड सिंगर महापात्र ने दी प्रस्तुति शनिवार को अंतिम दिन बॉलीवुड सिंगर सोना महापात्र के गानों से कार्यक्रम का समापन हुआ। वे शाम 8:45 पर स्टेज पर आई, उन्होंने बेखौफ, पिया से नैना, रुपैया, धीमे धीमे चले पुरवैया जैसे मशहूर गाने गए। उन्होंने स्टेज पर रैप करने का प्रयास भी किया। प्रस्तुति के दौरान उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे “मी टू” आंदोलन के समय उन्हें एक रियलिटी शो की जज की कुर्सी से हटाया गया और ‘कंट्रोवर्शियल’ कहकर निशाना बनाया गया। सोना ने कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की कुछ महिलाओं का जिक्र किया जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई और भोपाल में बेगमों के शासन को नारी शक्ति कि मिसाल बताया। पत्रकारिता के इतिहास की झांकी माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय द्वारा एक छोटी सी प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें पत्रकारिता क्षेत्र में हुए कुछ ऐतिहासिक दिनों के अखबारों के पहले पन्नों को “100 साल, 100 सुर्खियां” नाम से प्रदर्शित किया गया। इसमें भारत की आजादी, इंदिरा गांधी को सजा, जैसे दिनों की हेडलाइन थी। कर्मवीर, लोकमत, प्रताप, फ्री प्रेस जर्नल, द हिंदुस्तान टाइम्स और भी कई अखबारों के पन्ने इसमें शामिल थे।


