पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विदिशा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘मुस्कान अभियान’ को बड़ी सफलता मिली है। 1 नवंबर 2024 से अब तक जिलेभर में विशेष अभियान के तहत 59 नाबालिग बालिकाओं को खोजकर उनके परिजनों को सुरक्षित सौंपा गया है। एएसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि पूरे साल में गुमशुदगी के कुल 243 मामले ट्रेस किए गए। पिछले वर्ष के लंबित मामलों को मिलाकर कुल 257 बच्चों को खोजकर सकुशल उनके घर पहुंचाया गया है। एएसपी चौबे के अनुसार, इन मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक नाबालिग लड़कियां प्रेम-प्रसंग के कारण घर छोड़कर गई थीं। पुलिस ने उन्हें इंस्टाग्राम लिंक, सोशल मीडिया ट्रैकिंग और साइबर फोरेंसिक टीम की मदद से ढूंढ निकाला। एएसपी चौबे ने कुछ गंभीर मामलों का भी जिक्र किया। शमशाबाद की एक नाबालिग बालिका पाकिस्तान सीमा तक पहुंच गई थी। विदिशा पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर बीएसएफ कमांडेंट की सहायता से उसे सुरक्षित वापस लाया। इसके अतिरिक्त, कई अन्य बालिकाएं पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे दूरस्थ राज्यों तक पहुंच गई थीं। विदिशा पुलिस की टीमों ने वहां से भी उन्हें सकुशल वापस लाने में सफलता प्राप्त की। एक अन्य संवेदनशील घटना में, एक महिला अपनी दो नाबालिग ननदों को गलत गतिविधियों में धकेलने का प्रयास कर रही थी। पुलिस ने समय रहते इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर बच्चियों को सुरक्षित बचाया। एएसपी चौबे ने बताया कि पुलिस टीम ने अत्यधिक मेहनत, रात-दिन की निगरानी और अन्य राज्यों की पुलिस व एजेंसियों के सहयोग से इन सभी बच्चों को तलाशा। इस अभियान के तहत एक ऐसे बच्चे को भी खोजा गया जो 15 साल से अपने घर से दूर था। एएसपी चौबे ने नाबालिगों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में गलत कदम न उठाएं।


