झारखंड के 16 बैंकों में जमा 1490 करोड़ रुपए का कोई वारिस नहीं है। यह राशि बैंकों के 38 लाख 14579 ग्राहकों की है और उन्होंने पिछले 10 वर्षों से इन खातों से कोई लेनदेन नहीं किया है। बैंकों ने इस राशि को अनक्लेमड घोषित कर रिजर्व बैंक को सूचित कर दिया है। इस राशि में सबसे अधिक 530 करोड़ रुपए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खातों की है। दूसरा नंबर बैंक आफ इंडिया का है। उसके खातों में 408 करोड़ रुपए अनक्लेमड पड़ा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से मिली जानकारी के अनुसार एक्सिस बैंक में 20 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा में 50 करोड़, केनरा बैंक में 89 करोड़, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 4 करोड़, डीसीसीबी बैंक में 8 करोड़, एचडीएफसी बैंक में 6 करोड़, आईडीबीआई बैंक में 7 करोड़, इंडियन बैंक में 103 करोड़, इंडियन ओवरसीज बैंक में 25 करोड़, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक में 105 करोड़, पंजाब एंडसिंध बैंक में 122 करोड़ रुपए जमा है और पिछले 10 वर्षों से किसी ने क्लेम नहीं किया है और न ही खातों का संचालन हो रहा है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति ने इन खातों से संबंधित जानकारी रिजर्व बैंक को भेज दी है। बैंकों से मिली जानकारी के अनुसार इन खातों के बारे में ग्राहक के सगे संबंधियों को कोई जानकारी नहीं है। यह भी संभव है कि ग्राहकों ने इन खातों के बारे में अपने घर के किसी भी आदमी को जानकारी नहीं दी है। यह राशि सामान्य बचत खातों के अलावा फिक्स्ड डिपॉजिट खातों में भी जमा है। रिजर्व बैंक का बैंकों को निर्देश है कि असंचालित खातों और अनक्लेमड राशि के बारे में बैंक को सूचना भेजी जाए, ताकि बैंक अपने पोर्टल उद्ययन के माध्यम से खातेदारों को सूचित कर सके। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति झारखंड के उप महाप्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से राज्य के बैंकों में पड़ी इस राशि का कोई लेनदार नहीं है। इस राशि के लिए अभी तक किसी ने क्लेम नहीं किया है। प्रावधान के अनुसार बैंक को यह राशि रिजर्व ऑफ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को सौंप देना है।


