श्योपुर जिला पंचायत में सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बुलाई गई बैठक स्थगित हो गई। निर्धारित समय पर सभा कक्ष में सभी आठ जिला पंचायत सदस्य उपस्थित थे, लेकिन पीठासीन अधिकारी या उनका कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इससे बैठक शुरू नहीं हो सकी। सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई पर उनके वार्डों में विकास कार्य न कराने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया है। इसी कारण उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। बैठक स्थगित होने के बाद, नाराज सदस्य सुबह से जिला पंचायत कार्यालय में डटे रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई, तो सभी आठ सदस्य सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। सदस्यों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही है। ये सदस्य पहुंचे बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले आठ सदस्यों में बर्फी बाई वीपी सिंह, गिरधारी लाल वेरवा, कलावती आदिवासी, संदीप शाक्य, अनीता कुशवाह, माहेश्वरी धाकड़, गीताबाई आदिवासी और कविता आर्य शामिल हैं। वर्तमान में अध्यक्ष गुड्डी बाई के समर्थन में केवल उपाध्यक्ष नीरज जाट ही दिखाई दे रहे हैं। इस राजनीतिक गतिरोध की मुख्य वजह नए साल की विकास योजना बताई जा रही है। सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने सदस्यों को शामिल किए बिना ही विकास योजना तैयार कर ली थी। इसी से नाराज होकर आठों सदस्य एकजुट हुए और अविश्वास प्रस्ताव की स्थिति बनी। अब सदस्यों की ओर से जिला पंचायत की भविष्य की योजनाओं को नए सिरे से तैयार करने और उनकी सहमति से बार-बार समीक्षा करने की मांग सामने आ रही है। जिला पंचायत में जारी यह गतिरोध आगे क्या मोड़ लेगा, यह फिलहाल प्रशासनिक फैसलों पर निर्भर करेगा।


