मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दो वर्ष के कार्यकाल के मूल्यांकन की तैयारी में जुट गए हैं। मंगलवार से मंत्रियों और विभागों की परफॉर्मेंस समीक्षा का हाई-लेवल दौर शुरू हो रहा है, जो एक सप्ताह तक चलेगा। सीएम प्रत्येक मंत्री से दो साल की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का रिपोर्ट कार्ड मांगेंगे। सूत्रों के अनुसार इस व्यापक समीक्षा का सीधा असर 15 दिसंबर के बाद होने वाली वरिष्ठ अधिकारियों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों में संभावित बदलाव के रूप में दिख सकता है। वर्ष 2026 के लिए प्रशासनिक कसावट और नई रणनीतियों के तहत यह प्रक्रिया की जा रही है। अफसरों से पूछेंगे समस्या के समाधान के तरीके मुख्यमंत्री सभी विभागों से पिछले दो वर्षों में जनता के हित में लिए गए फैसलों का विवरण, उनके क्रियान्वयन की स्थिति और सामने आई समस्याओं की जानकारी लेंगे। साथ ही अफसरों से समाधान और सुधार के सुझाव भी जुटाए जाएंगे। अगले तीन वर्षों के लक्ष्य तय करने के लिए विभागीय अफसरों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रजेंटेशन देने के निर्देश दिए गए हैं। 2-3 और 8-9 को होंगी बैठकें मंत्रियों, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग का सिलसिला मंगलवार और बुधवार को दिनभर चलेगा। इसके बाद 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में भी दो दिन तक विभागवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। सीएम कार्यालय का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया बेहतर शासन, पारदर्शिता और तेज निर्णय क्षमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। दो साल के काम बताएंगे अधिकारी प्रत्येक मंत्री अपने दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा देगा और विभागों की उपलब्धियां बताएगा। अगले तीन साल के लिए विभागों के क्या टारगेट और प्लानिंग है, यह भी बताएंगे। दो साल में जो कमियां सामने आई हैं उसे बताएंगे और निराकरण के उपाय भी बताएंगे। मंत्रियों की खुद के विभाग को आगे बढ़ाने और नंबर वन बनाने की क्या प्लानिंग है, यह भी बताएंगे। जो वर्किंग प्लान बताया जाएगा उसे धरातल पर उतारने के लिए क्या तैयारियां करनी होंगी, इस पर भी बैठक में डिस्कशन होगा। ऐसे होगी विभागीय समीक्षा 3 दिसंबर को इन विभागों का रिव्यू खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू


