मध्यप्रदेश के ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के 12 जिलों में आज घना कोहरा है। वहीं, 11 जिलों में मध्यम कोहरा छाया हुआ है। कुछ जगहों पर विजिबिजिटी 100 मीटर से भी कम है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 दिन प्रदेश में कोहरे और तेज ठंड का असर रहेगा। इसके बाद थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया- 6 और 7 जनवरी को कोहरा छंट जाएगा। दिन-रात के टेम्परेचर में बढ़ोतरी होगी। कुछ दिन उतार-चढ़ाव के बाद कड़ाके की ठंड का असर फिर से बढ़ेगा। बर्फ पिघलने पर गिरेगा पारा
जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। अभी 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चल रही है। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम रात का टेम्परेचर 10 डिग्री से नीचे
मध्यप्रदेश में फिलहाल रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात में कई शहरों में कड़ाके की ठंड रही। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 7 डिग्री, जबलपुर में 7.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.7 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और इंदौर में 11.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ठंडे मंडला और शहडोल का कल्याणपुर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 4.4 डिग्री, पचमढ़ी में 4.6 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 4.6 डिग्री, अशोकनगर के आंवरी में 5.5 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 6.3 डिग्री, रीवा-उमरिया में 6.4 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 6.8 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, सतना-टीकमगढ़ में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, छिंदवाड़ा-सीधी में 8.6 डिग्री, खंडवा में 9 डिग्री, बैतूल-रतलाम में 9.2 डिग्री, गुना-सिवनी में 9.4 डिग्री और दमोह में 9.5 डिग्री तापमान रहा। हालांकि, शुक्रवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, शिवपुरी, रतलाम, धार समेत सभी शहरों के पारे में 1 से 5.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। इंदौर, उज्जैन, रतलाम में पारा 30 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर, सीधी, रीवा, खजुराहो, नरसिंहपुर, नौगांव, सतना, मलाजखंड में पारा 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड
इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नवंबर-दिसंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर की बात करें तो भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में 9 दिन तक शीतलहर चली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है। भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। 5 बड़े शहरों में जनवरी की सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। इस बार भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अलर्ट है। ऐसे में पिछले साल का टेम्परेचर का रिकॉर्ड टूट सकता है। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था तापमान
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखे तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।


