पाली में एक प्लंबर के बेटे ने अपना स्टार्टअप शुरू किया है। युवक ने एक वेबसाइट बनाई है। इसमें एक क्लिक पर शहर के डॉक्टर, मेडिकल स्टोर, जनरल स्टोर और वहां के आइटम की जानकारी रेट सहित डिस्पले होगी। साथ ही घर बैठे शहरवासी ऑर्डर भी कर पाएंगे। इनका यह आइडिया प्रदेश सरकार को अच्छा लगा। ऐसे में उन्हें अपने इस प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए पैसा देने क साथ IT एक्सपर्ट भी दिया गया है। हम बात कर रहे हैं पाली शहर के राजेंद्र नगर में रहने वाले 19 साल के फतेह सिंह की। जो वर्तमान में बांगड़ कॉलेज में BCA की पढ़ाई कर रहे हैं। अपने इस स्टार्टअप को लेकर उन्होंने बताया कि वे वर्तमान में डिजिटल युग चल रहा है। लोगों के पास ज्यादा समय नहीं है। वे हर जरूरत की चीजों को ऑनलाइन खरीदना चाहते हैं ताकि उनका टाइम और रुपए की बचत हो। ऐसे में शहर के सभी जनरल स्टोर, मेडिकल स्टोर को उन्होंने अपने स्टार्टअप “डिजिटल दुकान” के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने की बात मन में आई। जब वे 12वीं क्लास में थे तो अपनी पढ़ाई साथ-साथ उन्होंने इस प्रोजेक्ट को लेकर काम करना शुरू कर दिया। जिसमें उनके IT एक्सपर्ट टीचर राजू मेंशन ने उन्हें गाइड किया। उन्होंने बताया कि अक्सर लोगों को पता ही नहीं रहता है कि कौन सा डॉक्टर शहर में कहां रहता है। उनकी फीस कितनी है। साथ उनके आस-पास मेडिकल स्टोर, जनरल स्टोर कहां है। वहां क्या-क्या आइटम मिल रहे हैं और क्या रेट है। कौन सी शॉप पर उन्हें वाजिब दाम में सामग्री मिलेगी। शहरवासी अपने इन सारे सवालों का जवाब घर बैठे ही पता कर सके, इसलिए उन्होंने डिजिटल दुकान नाम से अपनी वेबसाइट बनाई है। अभी चल रहा डाटा एकत्रित करने का काम
फतेह सिंह ने बताया कि उनके पिता रूपसिंह प्लंबर का काम करते हैं। मां कौशल्या देवी हाउस वाइफ हैं। वे तीन भाई-बहन हैं। इस वेबसाइट को बनाने के लिए उन्होंने AI टूल्स, कोडिंग लेंग्वेज आदि का इस्तेमाल किया। वर्तमान में एक-एक दुकान घूमकर वह डाटा कलेक्ट करने का काम कर रहा है। वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। ताकि पाली शहर के दुकानदारों को समय के साथ अपडेट कर सके। उन्होंने बताया कि इस वेबसाइट के जरिए शहरवासी घर बैठे दवाइयां, जनरल स्टोर से सामान ऑर्डर भी कर सकेंगे। साथ ही शॉप कीपर को भी उसके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आएगा कि कहां से क्या ऑर्डर ऑनलाइन आया है। प्रदेश सरकार भी कर रही मदद
पाली शहर के बांगड़ कॉलेज परिसर में सूचना प्रौद्योगिक और संचार विभाग का ऑफिस स्थित है। यहां के मेंटर विकास लौहार ने बताया कि युवाओं के यूनिट आइडिया, उनके स्टार्टअप को धरातल पर लाने के लिए प्रदेश सरकार इस विभाग के जरिए स्टूडेंट को 2.4 लाख रुपए तक देती है। जो उन्हें वापस नहीं लौटनी होती है। इसके साथ ही उन्हें अपना स्टार्टअप पूरा करने के लिए इस ऑफिस में एक साल तक निशुल्क अधिकतम 5 कम्प्यूटर सेट इंटरनेट कनेक्शन के साथ उपलब्ध करने के लिए दिए जाते हैं। एक साल बाद भी वे इस सुविधा का उपयोग करना चाहते हैं तो प्रति सीट 1 हजार रुपए का चार्ज देना होता है। खास बात यह है कि वे 24 घंटे में कभी भी यहां आकर अपने स्टार्टअप से जुड़ा काम कर सकते हैं।


