जयपुर के कलाकार एवं इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट विनय शर्मा (पेपरमैन) के पास 50 से अधिक दुर्लभ टेलीफोन सहित द्वितीय विश्व युद्ध के युग का टेलीफोन भी शामिल है। इसमें हिटलर द्वारा नाजी सेना को दिया गया कॉर्डलेस टेलीफोन को विनय पोलैंड से लेकर आए थे। इन सभी अनूठी इंस्टॉलेशन को विनय ने चंडीगढ़ के मनाइमाजरा स्थित कला ग्राम में चल रहे चंडीगढ़ ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित 15वें चंडीगढ़ नेशनल क्राफ्ट्स मेला में प्रदर्शित किया है। “कॉल फ्रॉम द पास्ट” दर्शकों के लिए भावनात्मक अनुभव दे रही है। यह प्रदर्शनी 7 दिसंबर तक चलेगी। इंस्टॉलेशन में 1890 से 1990 तक के 100 से अधिक दुर्लभ कैमरे
विनय शर्मा का इंस्टॉलेशन “कॉल फ्रॉम द पास्ट” उन दिनों की कहानी कहती है। जब तकनीक सरल थी और संवाद में संवेदना थी। इसमें रेयर कैमरा, टेलीफोन और फोटोज को शामिल किया गया है। गायत्री देवी, सवाई मानसिंह द्वितीय की दुर्लभ फोटोग्राफ्स
प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, ब्रिटेन की महारानी, सवाई मानसिंह द्वितीय, सवाई भवानी सिंह व महारानी गायत्री देवी जैसी हस्तियों की दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित हैं। हैंड-पेंटेड ब्लैक एंड व्हाइट फोटो भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले में आए आगंतुकों ने कहा- यह प्रदर्शनी भावनाओं को स्पर्श करती है। “माना कि यह सिर्फ पुराने उपकरण हैं, लेकिन इनके साथ हमारी यादें, हमारा समय और हमारी पहचान जुड़ी हैं।” कई विजिटर्स इसे आर्ट + इतिहास + भावनाओं का संगम बता रहे हैं। विनय शर्मा ने बताया कि फिल्मों का हर क्लिक सोच-समझकर होता था। एक फोन कॉल भी मायने रखता था। लोग बोलने से पहले सोचते थे। यह अनुशासन अब खो चुका है। उन्होंने कैमरा, आंख और टेलीफोन के माध्यम से ‘बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत बोलो’ की अवधारणा को दृश्य रूप दिया है। पेपरमैन के नाम से मशहूर
विनय शर्मा दुनिया भर में पेपरमैन के नाम से पहचान रखते हैं। उनके द्वारा बनाया गया पेपरमैन मॉडल, पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों से बना पोशाक और हेडफोन पहने पुतला भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। यह समय बदलने और मानवीय रिश्तों के बीच पुल के रूप में प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित है।


