नीमच में विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों ने सरकार की वादाखिलाफी और उदासीनता के विरोध में प्रदर्शन किया। क्रमांक 2 स्कूल में जमीन पर बैठकर काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का मुख्य कारण दिव्यांगों की मासिक पेंशन राशि को ₹600 से बढ़ाकर ₹1500 करने की मांग पूरी न होना था। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले यह घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, नीमच जिले में वर्ष 2003 से प्रस्तावित ‘दिव्यांग पुनर्वास केंद्र’ का निर्माण न होना और दिव्यांगों की भर्ती में कथित अनियमितताएँ भी विरोध का विषय थीं। प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त किया कि एक ओर भाजपा सरकार खुद को दिव्यांग हितैषी बताती है और बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है, वहीं दूसरी ओर उनकी जायज़ मांगों को लगातार अनसुना कर रही है। संस्था के सदस्य राम प्रकाश बलदेव, तुलसीराम मेघवाल ने बताया कि वे अपनी समस्याओं को सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ लगाए नारे लेकर कई बार ज्ञापन, धरना प्रदर्शन और रैलियां निकाल चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस विरोध प्रदर्शन ने सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि दिव्यांगों को अपने मूलभूत अधिकारों के लिए भी सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।


