प्रतापगढ़ में स्कूली बसों और बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया गया। बुधवार दोपहर नीमच नाके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद चार वाहनों को जब्त कर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत किए गए इस निरीक्षण में बड़ी संख्या में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जिला विधिक प्राधिकरण सचिव केदारनाथ, परिवहन विभाग के निरीक्षक दुर्गा शंकर जाट और जिला शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में यह कार्रवाई संपन्न हुई। जांच के दौरान पाया गया कि कई स्कूली वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, कुछ वाहनों में फिटनेस प्रमाण पत्र, उचित सिटिंग व्यवस्था, आवश्यक सुरक्षा उपकरण और अग्निशमन सामग्री जैसे अनिवार्य साधनों की कमी भी पाई गई। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर टीम ने तीन स्कूली वाहनों के साथ एक अन्य वाहन को मौके पर ही जब्त कर लिया। संबंधित वाहन स्वामियों से 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया और उन्हें सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस या आवश्यक दस्तावेजों के वाहन चला रहे थे, जो एक गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जिले में स्कूली वाहनों की नियमित निगरानी जारी रहेगी और भविष्य में भी इसी प्रकार के औचक निरीक्षण किए जाएंगे। नियमों का अनुपालन न करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।


