रिपेयर, मेंटनेंस का फंड बंद, निगम ने 3 जोन व नए सेटअप का प्रस्ताव रोका

सिटी रिपोर्टर | दुर्ग शासन ने दुर्ग सहित सभी निगमों में मेंटनेंस और रिपेयर मद की राशि देना बंद कर दिया है। जिसके बाद आर्थिक संकट से घिरे दुर्ग निगम ने सभी विभागों से खर्चे में कटौती करने के साथ ही नया सेटअप बनाने के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। इससे निगम को तीन जोन में बांटने के प्रस्ताव पर भी विराम लग गया है। शासन से मिलने वाले मेंटेनेंस और रिपेयर मद से दुर्ग निगम को हर साल करीब 4 करोड़ मिलते थे। राशि पर रोक लगाने के बाद मेंटनेंस और रिपेयर से जुड़े सारे कार्यों का भुगतान अब निगम को खुद करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए आयुक्त सुमित अग्रवाल ने सभी विभागों को पत्र लिखा है, जिसमें अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि निगम पर आर्थिक बोझ न बढ़े। इसके अलावा शासन ने निगम में कर्मचारियों के वेतन भुगतान में अन्य मद की राशि का इस्तेमाल नहीं करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके बाद निगम हर महीने होने वाले विभिन्न करों की वसूली से मिलने वाली राशि से ही कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर रहा है। बता दें कि निगम में वर्तमान में करीब 250 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। इन पर हर महीने वेतन भुगतान में करीब 75 लाख खर्च होता है। जबकि निगम को विभिन्न करों से 34 करोड़ की वसूली होती है। इसमें भी मेंटेनेंस और रिपेयर में होने वाले खर्च का भी भुगतान करना होता है। यही वजह है कि हर महीने कर्मचारियों को वेतन भुगतान में लेटलतीफी हो रही है। नवंबर में ही अक्टूबर का वेतन महीने के अंतिम सप्ताह में हो पाया था। वह भी तब संभव हो पाया जब राजस्व विभाग पर टैक्स वसूली तेज करने का दबाव बनाया गया। निगम के कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए तीन जोन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा था। प्रत्येक जोन में 20-20 वार्ड रखे जाने थे। अब तक जिले के भिलाई निगम में ही जोन की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त कर्मचारी की भी आवश्यकता होगी। लिहाजा एक अधीक्षण यंत्री (एसई) सहित 70 अधिकारियों और कर्मचारियों के नए पद का प्रावधान किया जाना था। इस पर कई दौर की चर्चा भी हो चुकी थी। नए सेटअप के लागू होने से निगम का स्थापना व्यय बढ़ जाता। वर्तमान में ही उसे करीब 250 कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने में पसीना छुट रहा है। ऐसे में नए सेटअप के लागू होने पर नियमित वेतन भुगतान उसके लिए चुनौती बन सकती थी। लिहाजा निगम प्रशासन ने नए सेटअप के प्रस्ताव पर ही रोक लगा दी है। नए प्रस्तावों को रोक दिया गया है, नए सेटअप से निगम का स्थापना व्यय बढ़ जाता है ^ शासन की ओर से मेंटेनेंस और रिपेयर फंड बंद किए जाने के बाद नए सेटअप का जो प्रस्ताव तैयार किया जा रहा था, उसे रोक दिया गया है। क्योंकि इससे निगम का स्थापना व्यय बढ़ जाता। फिलहाल निगम इस स्थिति में नहीं है कि बढ़े स्थापना व्यय को वहन कर सके। सुमीत अग्रवाल, आयुक्त दुर्ग निगम

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