भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर/खड़गवां कोरिया और एमसीबी जिलों के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों हाथियों का उत्पात जारी है। फसल कटाई का समय होने के कारण किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि हाथियों के दल खड़ी धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों में रोष और दहशत का माहौल बना हुआ है। कोरिया वनमंडल के देवगढ़ परिक्षेत्र में 11 हाथियों का एक दल सक्रिय है। इसके अलावा, मरवाही मार्ग से होता हुआ एक अकेला दंतेल हाथी खड़गवां क्षेत्र में पहुंच गया है, जिससे दोनों ही इलाकों के ग्रामीणों में दहशत है। बुधवार- गुरुवार रात हाथियों का दल सोनहत अंतर्गत आनंदपुर बीट में घूमता रहा। बताया गया कि हाथियों ने सेमर खाड़ी नाला से आगे बढ़ते हुए केराझरिया, टेडगा नाला, दुधनिया, अगवाही और पुसला गांवों तक पहुंचकर किसानों की धान की फसलों को बुरी तरह रौंद दिया और कई जगहों पर फसल खा भी ली। ग्रामीणों के अनुसार, उनकी फसलें कटाई के बिल्कुल कगार पर हैं, ऐसे में हाथियों की दस्तक से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हाथियों की हलचल के चलते कई परिवार पूरी रात घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं, कुछ ग्रामीण अपनी फसल बचाने के लिए समूह में आग जलाकर रतजगा करने को मजबूर हैं, जिसमें उनकी जान पर खतरा बना रहता है। वनकर्मियों ने बताया कि सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हाथियों का दल दोबारा केराझरिया-उसना पारा मार्ग से होते हुए आनंदपुर बीट के कक्ष क्रमांक पी-456 में स्थित सेमर खाड़ी नाला क्षेत्र में लौट आया है और दिन में फिलहाल आराम कर रहा है। इधर, मरवाही वन मंडल से आया एक दंतेल हाथी खड़गवा वन परिक्षेत्र के देवाडांड बीट अंतर्गत ग्राम बेलकामार के जंगल में घूम रहा है। सर्वे के बाद मुआवजा प्रकरण तैयार करेंगे ^बैकुंठपुर एसडीओ अखिलेश मिश्रा ने बताया, मोटे धान की कटाई लगभग हो चुकी है, लेकिन पतला धान (जैसे जीरा फूल) लगाने वाले किसानों की फसलों को हाथियों का दल नुकसान पहुंचा रहा है। एक-दो दिन में सर्वे रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा प्रकरण तैयार किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।


