भास्कर न्यूज | महासमुंद सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की अपार आईडी कार्ड बनाई जा रही है, यह काम अब शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के लिए सिरदर्द बन गया है। बच्चों के आधार कार्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि में त्रुटियां सामने आई हैं। कई छात्रों के पिता के नाम में मात्रा, जन्मतिथि में अंतर है। वहीं छात्र के नाम के साथ पिता का नाम भी जुड़ा है। इसके कारण अपार आईडी कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है। खास बात ये है कि अब छात्रवृति, बुक बैंक के तहत पुस्तक वितरण और गणवेश अपार आईडी से लिंकअप होगा। इसके बाद भी विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल पाएगा। जिनकी अपार आईडी नहीं बन पाई है, वे लाभ से वंचित हो सकते हैं। अपार आईडी जनरेट करने के लिए बच्चों का नाम और दाखिल खारिज रजिस्टर आधार व स्कूल के यू-डाइस मैच नहीं हो पा रहे हैं। नाम और जन्मतिथि में त्रुटियां होने के कारण 27 हजार 326 बच्चों की अपार आईडी के आवेदन रिजेक्ट हो चुके हैं। रेखराज शर्मा ने बताया कि सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों के पहचान के लिए अब अपार आईडी कार्ड बनेगा। जिसका डिजिट नंबर 12 अंको का होगा। इस अपार आईडी कार्ड में विद्यार्थियों के सभी दस्तावेज (डेटा) सुरक्षित रहेगा। जिले के कुल 2. 15 लाख 945 विद्यार्थियों का अपार आईडी कार्ड बनेगा। अभी तक 1.67 हजार 252 आईडी जनरेट हो चुका है। अभी 48 हजार 693 विद्यार्थियों का आधार कार्ड पेंडिंग है। जिनके आधार का वेरिफिकेशन करना बाकी है। साथ में दस्तावेज लेकर चलने जरूरत नहीं: डीएमसी रेखराज शर्मा ने बताया कि अपार आईडी कार्ड बन जाने से अब छात्रों को किसी भी जगह या अन्य राज्यों व देश में जाने पर अपने साथ ओरिजनल दस्तावेज ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिले में 9534 आधार कार्ड बच्चों का उपलब्ध नहीं हो पाया है। इसके कारण काम में तेजी नहीं आ पा रही है। इसको लेकर शिक्षक लगातार पालकों से संपर्क कर आधार उपलब्ध कराने कह रहे है। इसी तरह 1024 आधार कार्ड का वैलीडेशन किया जाना बाकी है। ऐसे में अब अपार आईडी कार्ड अनिवार्य करने के चलते अब पालकों को सुधार करवाने के लिए आधार सेवा केन्द्र के चक्कर काटने पड़ रहे है। इसमें 15 दिन का समय लग रहा है। इसके लिए 50 रुपए चार्ज लग रहा है। इससे पालक परेशान है। आधार कार्ड में सुधार के बाद ही बनेगा अपार कार्ड डीएमसी रेखराज शर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों के शिक्षकों और संकुल समन्वयक को प्रशिक्षण दिया गया है। दस्तावेज जमा कराने के साथ ही वेरिफाई करते ही यूनिक नंबर जनरेट किया जा रहा है। जिन छात्रों के आधार नंबर, नाम में त्रुटि की समस्या आ रही है। उनके आधार कार्ड में सुधार के बाद अपार आईडी कार्ड बनाया जाएगा।


