पंजीयन मुद्रांक विभाग द्वारा सोसायटी पट्टों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने से गुरुवार को शहर के 18 पंजीयन मुद्रांक विभागों में 80% रजिस्ट्री नहीं हुई। दो दिन में लगभग 400 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हुई। इधर, रोक को लेकर कलेक्ट्रेट में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां, नारेबाजी और भारी भीड़ से दिनभर माहौल गर्म रहा। बता दें कि सरकार के नए आदेश के बाद बिना 90A और लैंड कन्वर्जन वाली सोसायटी भूमि पर बने पट्टों की रजिस्ट्री रोक दी गई है। नारे लगाए…‘काला कानून वापस लो, रजिस्ट्री शुरू करो’ वकीलों के वर्क सस्पेंड कॉल के बाद जयपुर के सभी सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में रजिस्ट्री का काम नहीं हो सका। द डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन, जयपुर की अगुवाई में हुए विरोध प्रदर्शन में कलेक्ट्रेट के राजस्व मामलों से जुड़े अधिवक्ता, नगर निगम, जेडीए और उप रजिस्ट्रार कार्यालयों में कार्य करने वाले वकील शामिल हुए। वकील गजराज सिंह और अखिलेश जोशी ने कहा- जयपुर की बसावट का बड़ा हिस्सा सोसायटी पट्टों पर आधारित है। कई सोसायटियों ने अब तक 90A नहीं कराया है। नए आदेश से लोग अपने ही मकान और प्लॉट के स्वामी साबित नहीं कर पाएंगे और बैंक लोन तक नहीं मिलेगा। जनता की छत पर कानूनी ताला लगा दिया है। अधिवक्ता देवेंद्र यादव ने कहा कि जनता की कमाई और भविष्य दांव पर है। सरकार को तत्काल इस आदेश को वापस लेना चाहिए। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द समाधान नहीं निकालती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल रजिस्ट्री ठप रहने से शहर में प्रॉपर्टी लेन-देन और बैंक लोन पर भी असर पड़ रहा है। वकीलों का आरोप है कि शासन के 2 दिसंबर को जारी नोटिफिकेशन ने लाखों परिवारों को संकट में धकेल दिया है। अचानक रजिस्ट्री रोकने से लोग अपने प्लॉट की मालिकाना हक साबित भी नहीं कर पा रहे हैं।


