लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के 63वें जन्मदिन पर कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में सेवा उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। पूरे इलाके में उत्साह, उमंग और सेवा-भाव का ऐसा संगम देखने को मिला कि एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया। 205 रक्तदान शिविरों में कुल 29,427 यूनिट रक्तदान हुआ, जो क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान अभियान बन गया। रक्तदान शिविर शहर से लेकर कस्बों, गांवों और ढाणियों तक फैले रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में 13 जिलों के 52 ब्लड बैंक और 244 मेडिकल टीमें दिनभर मोर्चा संभाले रहीं। कोटा शहर में 164 और कोटा ग्रामीण में 20 शिविर लगे, जबकि बूंदी जिले में 21 जगह कैंप आयोजित हुए। इनमें कई स्थानों पर अभूतपूर्व संख्या में रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया। सांगोद के सीमल्या में जिले का सर्वाधिक 1033 यूनिट, रायपुरा राडी में 960 यूनिट, राजेंद्र नगर थेकड़ा में 889 यूनिट, रानपुर में 636 यूनिट, कैथूनीपोल में 583 यूनिट, भार्गव भवन में 514 यूनिट और सुवालका रिसोर्ट में 513 यूनिट रक्तदान हुआ। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए रक्तदान ब्लड कैंप में कोटा सीएमएचओ डॉक्टर नरेंद्र नागर और डॉक्टर राजेश सामर ने कैंपों का निरीक्षण किया। शिविरों में रेड क्रॉस सोसाइटी राजस्थान अध्यक्ष राजेश बिरला, विधायक संदीप शर्मा, उपभोक्ता भंडार चेयरमैन हरिकृष्ण बिरला, डॉ. अमिता बिरला और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया। रामगंजमंडी, पिपल्दा, बूंदी, केशवरायपाटन, देवली, दीगोद, कनवास, सुकेत सहित कई इलाकों में रक्तदान शिविरों ने रिकॉर्ड संख्या दर्ज की। कुल मिलाकर सेवा उत्सव एक जनआंदोलन की तरह दिखा, जहां हर समाज, हर संगठन और हर उम्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। केशवपुरा, बसंत विहार में एक निजी विद्यालय में समाजसेवी डॉ. दुर्गाशंकर सैनी और उनकी टीम ने विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। टीम ने जरूरतमंद बच्चों को 163 जोड़ी जूते-चप्पल पहनाए और 63 किलो आगरा का पेठा बांटकर लोकसभा अध्यक्ष के जन्मदिन पर सेवा और संकल्प का संदेश दिया। डॉ. सैनी ने कहा सेवा और समर्पण ही सबसे बड़ा कर्म और धर्म है।


