तनाव कम करने बच्चों और युवाओं को फिट रहने के टिप्स देंगे 90 वर्षीय 2 भाई, योगा व मेडिटेशन कराएंगे

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा बच्चांे व युवाओं में तनाव कम करने के लिए जनहित योग एवं स्वस्थ्य प्रचार समिति व प्राकृतिक कुल्हड़ परिवार ने पहल की है। फिट भीलवाड़ा मुहिम से स्कूली बच्चों व युवाओं को सर्वांगीण विकास के टिप्स दिए जाएंगे। योगा, मेडिटेशन, संगीत, खेलकूद, शिक्षा, पौष्टक आहार व सर्वांगिण विकास के विकल्प दिए जाएंगे। इसके लिए 90 वर्षीय एक ही दिन एक जगह जन्मे मामा-बुआ के दो भाइयों को ब्रांड एंबेसडर बनाया है। दोनों 15 जनवरी से शहर के सेवा सदन, एसटेक व वर्धमान स्कूल से मुहिम की शुरुआत करेंगे। पहले चरण में करीब 3 महीने तक 100 स्कूलों के बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य है। फिट भीलवाड़ा मुहिम में खेलों, गीत-संगीत व नृत्य के रूप में हमारी समृद्ध स्वदेशी विरासत का प्रदर्शन किया जाना है। फिटनेस को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। बनेड़ा के पास सरदारनगर में एक ही दिन एक जगह जन्मे मामा, बुआ के दो भाइयों जगदीश जोशी व काशीलाल को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया। दोनों छात्रों व युवाओं को फिट भीलवाड़ा मुहिम के बारे में जानकारी देंगे। प्राकृतिक कुल्हड़ परिवार के संचालक भूपंेद्र मोगरा बताते हैं। फिट भीलवाड़ा महिम की आवश्यकता इसलिए पड़ी है कि वर्तमान में समाज में फिटनेस को कम महत्व देकर खुद से दूर कर दिया है। उदाहरण के लिए पहले एक व्यक्ति कई किमी की दूरी पैदल पैदल अथवा साइकिल से तय कर लेता था, लेकिन इस समय मोटरगाड़ियों का प्रयोग आवश्यकता से अधिक कर रहे हैं। ऐसे में फिट भीलवाड़ा मुहिम का महत्व भीलवाड़ा के छात्रों और युवाओं के लिए बढ़ जाता है। वर्तमान में औद्योगिकी ने हमारी शारीरिक क्षमता कम कर दी और हमारी फिटनेस की आदत भी छीन ली है। साथ ही हम अपनी परंपरागत कार्यप्रणालियों और जीवनशैली से अनजान होते जा रहे हैं, जो हमे स्वस्थ रख सकती है। ऐसे में यह मुहिम भीलवाड़ा को अपनी परंपरागत कार्य प्रणालियों और जीवनशैली से जोड़ने का काम करेगी। इस समय डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मामले बढ़ रहे हैं और यहां तक की बच्चों में भी कई बीमारियां देखने को मिल रही है। फिट भीलवाड़ा मुहिम बच्चों व युवाओं को इन बीमारियों की चपेट में आने से रोक सकती है। फिट भीलवाड़ा मुहिम के प्रेरक मोगरा बताते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया मुवमेंट की तरह फिट भीलवाड़ा मुहिम शुरू की जा रही है। इसके तहत प्रथम चरण में 100 निजी व सरकारी स्कूलों तक इसे पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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