अशोकनगर के पुराना बस स्टैंड स्थित अंबेडकर पार्क में शनिवार को भारत रत्न और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक हरिबाबू राय ने डॉ. अंबेडकर को एक विचारधारा बताया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने भारत में सामाजिक समानता, न्याय, अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव मजबूत की। विधायक राय ने भारतीय संविधान को राष्ट्र का सबसे शक्तिशाली और जीवंत दस्तावेज बताया, जिसने करोड़ों भारतीयों को समान अवसर और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार दिया है। उन्होंने आगे कहा, “संविधान की मूल भावना की रक्षा, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और वंचित वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मैं सदैव प्रतिबद्ध हूं। बाबासाहेब के आदर्श हमारे मार्गदर्शक हैं और हम सबका कर्तव्य है कि उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।” इसके बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर का जीवन शिक्षा, संगठन और संघर्ष के तीन स्तंभों पर आधारित था। उन्होंने जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ते हुए समाज को नई दिशा दी और मानवाधिकारों तथा समानता के सिद्धांत को स्थापित किया। जिला अध्यक्ष कुशवाह ने कहा, बाबासाहेब ने दलित, वंचित और शोषित समाज को वह सम्मान दिलाया जिसकी वह सदियों से प्रतीक्षा कर रहा था। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष की ज्योति बुझने नहीं देनी चाहिए। हम सभी कांग्रेसजन उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज में जागरूकता और समानता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संविधान की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लिया।


