ईडी के समन की अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को एमपी-एमएलए के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की कोर्ट में पेश हुए। उनके साथ महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा भी थे। उन्होंने जमानत याचिका दाखिल की। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सात-साथ हजार रुपए के दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी। चूंकि यह मामला जमानतीय धारा के तहत दर्ज है, इसलिए कोअर् ने आगे की तारीखों पर हेमंत सोरेन को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी है। झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें शनिवार दोपहर दो बजे कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था। लेकिन वे समय से एक घंटा पहले ही कोर्ट पहुंंचे। वहां पांच मिनट की औपचारिक कार्यवाही के बाद वहां से निकल गए। गौरतलब है कि ईडी के समन का पालन न करने पर जांच एजेंसी ने हेमंत सोरेन के खिलाफ निचली अदालत में शिकायतवाद दर्ज कराया था। सीजेएम कोर्ट में प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामला एमपी-एमएलए कोर्ट भेजा गया, जहां नियमित सुनवाई चल रही है। सीएम की पेशी के दौरान सिविल कोर्ट परिसर समेत 40 कोर्ट बिल्डिंग की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। भीड़ नियंत्रण और वीआईपी मूवमेंट के लिए पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम लगाई गई थी। जमीन घोटाले में हेमंत ने दायर की डिस्चार्ज पिटीशन जमीन घोटाले में हेमंत सोरेन ने रांची स्थित पीएमएलए कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि ईडी के पास उनके विरुद्ध मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। इसलिए उन्हें इस केस से बरी किया जाय। हेमंत सोरेन की याचिका पर अभी कोर्ट ने सुनवाई नहीं की है। इस मामले में कोर्ट पहले ईडी से उनका पक्ष जानेगी। उनपर रांची के बड़गाईं स्थित 8.86 एकड़ जमीन की घेराबंदी करवाकर कब्जे की कोशिश का आरोप लगा था। हाईकोर्ट ने कहा था के प्रथम दृष्ट्या सबूतों को देखने के बाद यह कतई साबित नहीं हुआ है कि हेमंत इसमें दोषी हैं। ईडी के समन की अवहेलना का मामला


