रमन एन्क्लेव, ऋषि नगर स्थित श्री संकट मोचन शिव शक्ति मंदिर के 24वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित 9 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा अब अपने अंतिम पड़ाव और विश्राम की ओर अग्रसर है। कथा के अष्टम दिवस पर व्यास पीठ से सुशोभित आचार्य किशोरी शरण मधुकर महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से उपस्थित जनसमूह को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान आचार्य ने पुष्प वाटिका प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। इसमें श्रीराम और माता जानकी के प्रथम मिलन की कथा सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। इसके पश्चात जैसे ही धनुष यज्ञ का प्रसंग सुनाया गया पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। सत्संग की महत्ता को समझाते हुए आचार्य जी ने एक सुंदर दृष्टांत प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि धूल का एक कण जब हवा का संग करता है तो आकाश की ऊंचाइयां छूता है किन्तु वही कण पानी के संपर्क में आकर कीचड़ बन जाता है। ठीक इसी प्रकार मनुष्य सत्संग पाकर महानता को प्राप्त करता है जबकि कुसंगति उसे पतन की ओर ले जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभु राम ने वन से लौटने पर अपने गुरु से कुछ नहीं छिपाया। इस पावन अवसर पर मंदिर कमेटी की प्रधान विमला कौशिक, सेक्रेटरी अरुण कालिया, विनोद अग्रवाल, मुकेश कालिया, कमलेश गोयल, अंजू अग्रवाल, मीनू कालिया और भारती गुप्ता सहित भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे और कथा का श्रवण किया। मंदिर कमेटी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भव्य श्रीराम कथा का विश्राम रविवार शाम 8 बजे होगा।


