उदयपुर सांसद ने कलेक्टर के खिलाफ पत्र लिखा:​​​​​​​डीएमएफटी गवर्निंग काउंसिल की बैठक में अनुमोदन के बाद भी स्वीकृति जारी नहीं की, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को लिखा पत्र

उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रतापगढ़ जिला कलक्टर द्वारा जिले में डीएमएफटी अन्तर्गत स्वीकृत कार्यों में बरती गई अनियमितता को लेकर पत्र लिखा है। रावत ने इस मामले में कलेक्टर के खिलाफ तत्काल चार्जशीट जारी करने का आग्रह किया है। सांसद डॉ रावत ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को बताया कि जिला प्रतापगढ़ की डी.एम.एफ.टी. गवर्निंग काउंसिल की बैठक 11 फरवरी 2025 को हुई थी जिसमें कुल 54 विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया था। इनका स्वीकृति आदेश 22 अप्रैल को जारी कर दिया गया। इन स्वीकृत कार्यों में से कुल 32 कार्य विद्यालयों में कक्षा-कक्ष निर्माण से संबंधित हैं। सांसद डॉ रावत ने बताया कि इस वर्ष राज्य में हुई भारी वर्षा के कारण कई स्कूल भवनों के गिरने एवं इससे हुई जनहानि की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार द्वारा डीएमएफटी मद का प्राथमिकता से उपयोग जिलों के जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण पर करने के निर्देश प्रदान किए गए थे। मुख्य सचिव ने भी 26 नवंबर 2025 को सभी जिला कलक्टरों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जिला कलक्टर प्रतापगढ़ ने मात्र 03 विद्यालयों के कक्षा-कक्ष निर्माण कार्यों के लिए ही भुगतान आदेश जारी किए, जबकि शेष 50 कार्यों की कोई स्वीकृति जारी नहीं की गई। सांसद डॉ रावत ने बताया कि जिला कलेक्टर द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी समस्त कार्यों की स्वीकृति जारी करने संबंधी गलत जानकारी प्रदान की गई, जो कि गंभीर लापरवाही एवं जानबूझकर किया गया कृत्य है। डॉ रावत ने जिला कलक्टर, प्रतापगढ़ के विरुद्ध तत्काल चार्जशीट जारी करने और सभी अनुमोदित कार्यों की स्वीकृति शीघ्र जारी कराने के आवश्यक निर्देश प्रदान करने का आग्रह किया है।

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