धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सोमवार को अधिकारियों की मीटिंग ली। यह बैठक कलेक्टर ऑफिस के सभागार में हुई। इसमें उन्होंने सभी अफसरों को साफ निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों का निपटारा तय समय पर होना चाहिए। कलेक्टर ने खासकर सीएम हेल्पलाइन और दूसरे ऑनलाइन पोर्टलों पर आई शिकायतों के जवाबों की क्वालिटी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर शिकायत का समाधान ऐसा हो, जिससे शिकायत करने वाला पूरी तरह से संतुष्ट हो जाए। कृषि, वित्त और शिक्षा विभाग को खास हिदायत मीटिंग की शुरुआत में सभी विभागों के रुके हुए कामों की समीक्षा हुई। कलेक्टर ने किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग को भावांतर योजना के पेंडिंग मामले तुरंत खत्म करने को कहा। वहीं, वित्त विभाग से बीमा और केवाईसी से जुड़े मामलों को जल्दी सुलझाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी साफ किया कि जो शिकायतें 50 दिन से कम समय से अटकी हैं, उन्हें पहले निपटाया जाए। स्कूल शिक्षा विभाग को भी सही जवाब देकर मामले खत्म करने की हिदायत दी गई। स्वास्थ्य और पीएम किसान के मामलों पर ज्यादा फोकस कलेक्टर मिश्रा ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायतों को सबसे ऊपर रखा जाए। साथ ही, पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े मामलों पर ‘समाधान ऑनलाइन’ के तहत सभी राजस्व एसडीओ को खास ध्यान देने को कहा गया। आयोग, मुख्यमंत्री आवास और सीएम मॉनिटरिंग से आने वाली शिकायतों का भी समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, वनाधिकार पट्टा दावों, डिजिटल क्लास के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग और ‘धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई। गीता भवन, पर्यटन और अनुकंपा नियुक्ति के आदेश बैठक में दूसरे महत्वपूर्ण कामों पर भी निर्देश दिए गए। पर्यटन विभाग को पुरानी इमारतों को बचाने के लिए प्रतिबंधित इलाकों में ‘निर्माण न करें’ वाले बोर्ड लगाने को कहा गया। साथ ही, देव स्थानों की जमीन के मैनेजमेंट के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए गए और गीता भवन निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई को कहा गया। परिवहन विभाग को शहर में भारी वाहनों की एंट्री रोकने के लिए बोर्ड लगाकर लगातार चेकिंग करने को कहा गया। मीटिंग के आखिर में कलेक्टर मिश्रा ने कलेक्टर कार्यालय के तीन कर्मचारियों-आरती वास्कले, करण सोलंकी और रविन्द्र सोलंकी को चपरासी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के आदेश भी सौंपे।


