ब्यावर शहर में ऑटो रिक्शा ड्राइवरों ने सोमवार को प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने यातायात पुलिस और परिवहन विभाग पर मनमाने ढंग से चालान काटने का आरोप लगाया, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। ड्राइवरों के अनुसार यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा ऑटो रिक्शा रोककर 10 से 12 हजार रुपए तक के भारी-भरकम चालान काटे जा रहे हैं। उनका कहना है कि वे अधिकांशतः किश्तों पर रिक्शा लेकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, और ऐसे में ये चालान उनके लिए आर्थिक संकट पैदा कर रहे हैं। ऑटो ड्राइवरों ने यह भी बताया कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। उन्होंने दावा किया कि स्कूली बच्चों के परिवहन में वे सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं और ब्यावर में ऑटो से कोई गंभीर दुर्घटना नहीं हुई है। ड्राइवरों का आरोप है कि 8 से 10 बच्चों को बैठाने पर भी चालान काटे जा रहे हैं। ऑटो यूनियन की मांग है कि नियमानुसार उन्हें 10 से 12 बच्चों को ले जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। यूनियन ने आश्वासन दिया कि वे वर्दी पहनना, नेम प्लेट लगाना, कागजात पूरे रखना और नो-एंट्री क्षेत्रों में जाली व गेट लगाकर परिवहन जैसे सभी नियमों का पालन करेंगे। ड्राइवरों ने अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें 5-6 सवारी होने पर काटे जा रहे चालानों पर रोक लगाना और स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए ऑटो में करियर तथा पायदान लगाने की अनुमति देना शामिल है। ऑटो ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी उचित मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। शहर में हजारों लोगों की आवाजाही के लिए ऑटो रिक्शा एक महत्वपूर्ण साधन हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हैं।


