भास्कर संवाददाता | आगर मालवा जिले में चल रहे यातायात जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को विभिन्न चेकिंग पाइंट्स पर सीट बेल्ट न लगाने, हेलमेट न पहनने, बिना ऑथेंटिक नंबर प्लेट वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले चालकों को रोका गया। सभी को यातायात थाना प्रभारी सूबेदार जगदीश यादव द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय लाया गया, जहां पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने स्वयं सभी चालकों से संवाद कर उन्हें यातायात नियमों के महत्व एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। उन्होंने बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल कानूनी आवश्यकताएं नहीं, बल्कि जीवन रक्षक उपकरण हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिक्रिया क्षमता को कम करता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने सभी चालकों को यह भी बताया कि सही नंबर प्लेट न होने से दुर्घटना या किसी अपराध की स्थिति में वाहन की पहचान में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है, जो कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती है। एसपी ने गोल्डन आवर के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद प्रारंभिक 60 मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि घायल को इस अवधि में उचित चिकित्सा मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि दुर्घटना देखने पर तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दें तथा घायल को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। इसी संदर्भ में उन्होंने राह-वीर योजना की जानकारी भी दी। महत्वपूर्ण रूप से आज की इस कार्रवाई में किसी भी चालक पर चालान नहीं बनाए गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आज का उद्देश्य सजा देना नहीं बल्कि नागरिकों को समझाइश देना और उनमें सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


