बैतूल के डहरगांव स्थित टेक्नोक्राफ्ट फैशन लिमिटेड कंपनी की करीब 400 महिला सिलाई मशीन ऑपरेटरों ने वेतन वृद्धि न होने के विरोध में काम बंद कर प्रदर्शन किया। मंगलवार को लंबे समय से वेतन बढ़ाने का आश्वासन पूरा न होने से नाराज महिलाओं ने कंपनी प्रबंधन से चर्चा के बाद बैतूल कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने श्रम विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। महिलाओं ने अपनी शिकायत में बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से कंपनी में कार्यरत हैं। उनसे प्रतिदिन सुबह 8:45 बजे से शाम 6:30 बजे तक (करीब 9-10 घंटे) लगातार काम कराया जाता है। इतनी लंबी शिफ्ट के बावजूद, भोजन के लिए उन्हें केवल 15 मिनट का समय दिया जाता है। यह कंपनी पहले एचएमटी के पास (इटारसी रोड) स्थित थी, जिसे अब डहरगांव स्थित उदय वेयरहाउस में शिफ्ट कर दिया गया है। कुशल श्रमिक होने पर भी अकुशल से कम वेतन
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन पिछले आठ महीने से वेतन बढ़ाने का आश्वासन दे रहा था, लेकिन अब तक एक भी रुपया नहीं बढ़ाया गया। वर्तमान में उन्हें मात्र 6500 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। उनका कहना है कि कुशल श्रमिक होने के बावजूद उन्हें अकुशल श्रमिकों से भी कम वेतन मिल रहा है। इसके अलावा, छुट्टी के दिनों का वेतन भी काट लिया जाता है। अधिकारी करते हैं अभद्रता, किराए के मिलते हैं 10 रुपए
महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी के कुछ अधिकारी काम के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और अशोभनीय शब्दों से संबोधित करते हैं। कई महिलाएं 40-50 किलोमीटर दूर से रोजाना आना-जाना करती हैं, जिससे आवागमन में खर्च और सुरक्षा का खतरा दोनों रहता है। कंपनी द्वारा वाहन भत्ता केवल 10 रुपए दिया जा रहा है, जबकि बस या ऑटो का किराया 30 रुपए लगता है। ये हैं प्रमुख मांगें
महिलाओं ने कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें शासन के निर्देशानुसार कुशल श्रमिक का वेतन दिलाया जाए, कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए और वाहन किराया बढ़ाकर 30 रुपए प्रतिदिन किया जाए। फिलहाल इस मामले में कंपनी का पक्ष सामने नहीं आया है।


